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हाथरस: प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे सरकार

Tue, 19 May 2020 12:34 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2020 12:34 AM IST
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Hathras: Government should ensure the provision of migrant laborers to their homes
हाथरस: प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को लेकर प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते कांग्रे? - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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प्रवासी मजदूरों से सोमवार को संबंधित मामलों को लेकर कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर वहां मौजूद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन में कांग्रेसियों ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को उठाया है और साथ ही लॉकडाउन में कई अन्य मांगें भी सीएम से की हैं।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य और नगराध्यक्ष विनोद कुमार कर्दम की अगुवाई में कलेक्ट्रेट गए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रविवार को पूरे दिन कांग्रेस द्वारा उपलब्ध कराई गईं 500 बसें गोवर्धन के निकट प्रदेश की सीमा पर खड़ी रहीं, जोकि प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए थीं। यह बसें प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस की तरफ से दी गई थीं, लेकिन उनको एंट्री नहीं करने दी गई। प्रवासी मजदूर बहुत परेशान हैं। सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल रहे हैं।
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महिलाओं और बच्चों के पांव घायल हो गए हैं। ऐसी स्थिति में सरकार को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। महिला जिलाध्यक्ष कृष्णा गुप्ता ने कहा कि सरकार कह रही है हर व्यक्ति को राशन मिलेगा, लेकिन अभी तक राशन कार्ड वालों को तो राशन मिला नहीं है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, उनको कैसे मिल पाएगा। ज्ञापन देने वालों में वीणा गुप्ता, जय शंकर पाराशर, पंडित ऋषि कुमार कौशिक, अविनाश पचौरी, कपिल नरूला, विष्णु कुमार आदि मौजूद थे। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित ने सौंपे ज्ञापन में कहा कि प्राइवेट स्कूलों की चार माह की फीस माफ की जाए।
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सभी प्रकार के लोन के चार माह तक के पूर्ण माफ किया जाएं। किसानों के नलकूप के मध्य में परिवारों के घरेलू और व्यवसाय चार माह की बिजली के बिल तत्काल माफ किए जाएं। पैदल अपने घरों को लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की वाहन की व्यवस्था करें। उनको उनके घरों तक छुड़वाया जाए। छोटे मझोले व्यापारियों को लॉकडाउन की बंदी के कारण हुए व्यापारिक नुकसान की पूर्ति के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। कोरोना से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्र में छिड़काव कराया जाए एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वायरस की दवा उपलब्ध कराई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में योगेश कुमार ओके, अजीत गोस्वामी, अवधेश बक्शी आदि थे।
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