{"_id":"616c6848b100f4391e4ef37f","slug":"hathras-free-legal-aid-to-women-and-poor-children-sasni-news-ali275967852","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : महिलाओं व गरीब बच्चों को मिलती है निशुल्क विधिक सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : महिलाओं व गरीब बच्चों को मिलती है निशुल्क विधिक सहायता
विज्ञापन
बाल विकास कार्यालय पर निशुल्क विधिक शिविर में प्रतिभाग करती मुख्य सेविका सरला वर्मा एवं ऊषा रान?
- फोटो : SASNI
संवाद न्यूज एजेंसी, सासनी।
आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत रविवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय पर महिला कल्याण विभाग द्वारा महिलाओं व बच्चों को निशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह का अधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें मुख्य सेविका सरला एवं ऊषा रानी ने कहा कि महिला, 18 वर्ष तक के बच्चे, अनुसूचित जाति जनजाति एवं विभिन्न प्रकार की आपदा, मानव तस्करी से आहत, शोषण एवं बेगार से पीड़ित, मानसिक विक्षिप्त या दिव्यांग लोगों को शासन द्वारा निशुल्क विधिक सहायता दी जाती है। इसके लिए सभी जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्थापित है।
संविधान द्वारा व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन रोकने के लिए मौलिक अधिकार दिया गया है। मौके पर उपस्थित महिलाओं, पुरुषों व बच्चों को एक समान शिक्षा एवं आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी मौजूद थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत रविवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय पर महिला कल्याण विभाग द्वारा महिलाओं व बच्चों को निशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह का अधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें मुख्य सेविका सरला एवं ऊषा रानी ने कहा कि महिला, 18 वर्ष तक के बच्चे, अनुसूचित जाति जनजाति एवं विभिन्न प्रकार की आपदा, मानव तस्करी से आहत, शोषण एवं बेगार से पीड़ित, मानसिक विक्षिप्त या दिव्यांग लोगों को शासन द्वारा निशुल्क विधिक सहायता दी जाती है। इसके लिए सभी जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्थापित है।
विज्ञापन
संविधान द्वारा व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन रोकने के लिए मौलिक अधिकार दिया गया है। मौके पर उपस्थित महिलाओं, पुरुषों व बच्चों को एक समान शिक्षा एवं आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी मौजूद थीं।
विज्ञापन