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हाथरस : बिटिया के परिवार के पांच सदस्यों ने लोकतंत्र में विश्वास जताते हुए किया मतदान
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हाथरस : बिटिया के गांव के मतदान केंद्र पर होता मतदान। संवाद
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बहुचर्चित बिटिया कांड में पीड़ित परिवार ने भी कड़ी सुरक्षा के बीच अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र पर जाकर मतदान किया। परिवार के सदस्यों का कहना था कि लोकतंत्र में मतदान सभी का अधिकार है। परिवार के सदस्यों ने फिर यही दोहराया उन्हें जल्द से जल्द न्याय चाहिए। सरकार भले ही किसी की भी आए, लेकिन जो अत्याचार हमारे परिवार के साथ हुआ है, वैसा और किसी के साथ न हो।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के एक गांव की अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ दुष्कर्म किया गया था और गला घोंटकर उसे जान से मारने का प्रयास किया गया था। इस युवती की कुछ दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन की खासी फजीहत हुई थी। स्थानीय प्रशासन ने युवती के परिजनों की मर्जी के खिलाफ उसके शव का अंतिम संस्कार मध्य रात्रि को कर दिया था।
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इस बहुचर्चित कांड पर विपक्ष ने सरकार को घेरा था और चुनावी में भी इस कांड का जिक्र कर विपक्षी दल सरकार को घेरते हुए दिखे थे। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी और चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बिटिया के परिजन अभी भी सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा में गांव में रह रहे हैं। चुनाव से पहले यह चर्चा भी हुई थी कि बिटिया के किसी परिजन को कांग्रेस या अन्य पार्टी चुनाव मैदान में उतार सकती है, लेकिन परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी इसे लेकर कोई बात नहीं हुई है।
रविवार को बिटिया के पिता, मां, भाई, भाभी व दादी ने गांव के ही प्राइमरी स्कूल में बने बूथ पर सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचकर मतदान किया। इस मौके पर बिटिया के भाई ने यह नहीं बताया कि उन्होंने किस दल को वोट दिया है।
उसका कहना था कि यह सरकार भले ही किसी की आए, लेकिन जो अत्याचार हमारे साथ हुआ है, ऐसा किसी परिवार के साथ न हो। हमारी बहन के शव को जबरिया रात को ढाई बजे जला दिया गया। लोकतंत्र में जो हमें अधिकार मिला था, उसे हमने पूरा कर दिया।
हम चाहते हैं कि कानून व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए और ऐसा कांड फिर नहीं होना चाहिए। आज महंगाई और बेरोजगारी बड़ी समस्या है। यह दूर होनी चाहिए। हमें जल्द न्याय चाहिए। सरकार ने उस समय हमसे आवास, नौकरी का वादा किया था, वह अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
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बहुचर्चित बिटिया कांड में पीड़ित परिवार ने भी कड़ी सुरक्षा के बीच अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र पर जाकर मतदान किया। परिवार के सदस्यों का कहना था कि लोकतंत्र में मतदान सभी का अधिकार है। परिवार के सदस्यों ने फिर यही दोहराया उन्हें जल्द से जल्द न्याय चाहिए। सरकार भले ही किसी की भी आए, लेकिन जो अत्याचार हमारे परिवार के साथ हुआ है, वैसा और किसी के साथ न हो।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के एक गांव की अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ दुष्कर्म किया गया था और गला घोंटकर उसे जान से मारने का प्रयास किया गया था। इस युवती की कुछ दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी।
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पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन की खासी फजीहत हुई थी। स्थानीय प्रशासन ने युवती के परिजनों की मर्जी के खिलाफ उसके शव का अंतिम संस्कार मध्य रात्रि को कर दिया था।
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इस बहुचर्चित कांड पर विपक्ष ने सरकार को घेरा था और चुनावी में भी इस कांड का जिक्र कर विपक्षी दल सरकार को घेरते हुए दिखे थे। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी और चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बिटिया के परिजन अभी भी सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा में गांव में रह रहे हैं। चुनाव से पहले यह चर्चा भी हुई थी कि बिटिया के किसी परिजन को कांग्रेस या अन्य पार्टी चुनाव मैदान में उतार सकती है, लेकिन परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी इसे लेकर कोई बात नहीं हुई है।
रविवार को बिटिया के पिता, मां, भाई, भाभी व दादी ने गांव के ही प्राइमरी स्कूल में बने बूथ पर सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचकर मतदान किया। इस मौके पर बिटिया के भाई ने यह नहीं बताया कि उन्होंने किस दल को वोट दिया है।
उसका कहना था कि यह सरकार भले ही किसी की आए, लेकिन जो अत्याचार हमारे साथ हुआ है, ऐसा किसी परिवार के साथ न हो। हमारी बहन के शव को जबरिया रात को ढाई बजे जला दिया गया। लोकतंत्र में जो हमें अधिकार मिला था, उसे हमने पूरा कर दिया।
हम चाहते हैं कि कानून व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए और ऐसा कांड फिर नहीं होना चाहिए। आज महंगाई और बेरोजगारी बड़ी समस्या है। यह दूर होनी चाहिए। हमें जल्द न्याय चाहिए। सरकार ने उस समय हमसे आवास, नौकरी का वादा किया था, वह अभी तक पूरा नहीं किया गया है।