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हाथरस : सावन का पहला सोमवार आज, जलाभिषेक के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु
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हाथरस : चिंताहरण महादेव मंदिर पर सफाई करते भक्त।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पवित्र सावन माह की शुरुआत रविवार से हो गई। आज सावन के पहला सोमवार के मौके पर सुबह से शहर के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु उमड़ेंगे। शाम को विग्रहों के भव्य शृंगार किए जाएंगे। रविवार को श्रद्धालु पहले सोमवार की पूजा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
उल्लेखनीय है कि श्रावण माह को सबसे पवित्र माह माना गया है। इस माह में सोमवार को श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। इस बार चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहले सोमवार को धनिष्ठा नक्षत्र, सौभाग्य योग, वणिज करण योग रहेगा। सुबह से शहर के चौबे वाले महादेव, चिंताहरण महादेव, बौहरेश्वर महादेव, नमृदेश्वर महादेव, गापेश्वरनाथ महादेव आदि मंदिरों पर सुबह श्रद्धालु दूध, दही, गंगाजल और शहद आदि सामग्री से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे।
बेलपत्र और चंदन चढ़ाएंगे। भोग लगाकर महाआरती करेंगे। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक का सिलसिला चलेगा। शाम को शिवालयों में भव्य शृंगार किए जाएंगे। रविवार को मंदिरों में साफ-सफाई की गई। रंग-बिरंगी लाइटों से देवालयों को सजाया गया। हालांकि इस बार कोविड गाइड लाइन के तहत श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे। सार्वजनिक आयोजन नहीं होंगे। रविवार की शाम तक श्रद्धालु तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
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पवित्र सावन माह की शुरुआत रविवार से हो गई। आज सावन के पहला सोमवार के मौके पर सुबह से शहर के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु उमड़ेंगे। शाम को विग्रहों के भव्य शृंगार किए जाएंगे। रविवार को श्रद्धालु पहले सोमवार की पूजा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
उल्लेखनीय है कि श्रावण माह को सबसे पवित्र माह माना गया है। इस माह में सोमवार को श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। इस बार चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहले सोमवार को धनिष्ठा नक्षत्र, सौभाग्य योग, वणिज करण योग रहेगा। सुबह से शहर के चौबे वाले महादेव, चिंताहरण महादेव, बौहरेश्वर महादेव, नमृदेश्वर महादेव, गापेश्वरनाथ महादेव आदि मंदिरों पर सुबह श्रद्धालु दूध, दही, गंगाजल और शहद आदि सामग्री से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे।
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बेलपत्र और चंदन चढ़ाएंगे। भोग लगाकर महाआरती करेंगे। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक का सिलसिला चलेगा। शाम को शिवालयों में भव्य शृंगार किए जाएंगे। रविवार को मंदिरों में साफ-सफाई की गई। रंग-बिरंगी लाइटों से देवालयों को सजाया गया। हालांकि इस बार कोविड गाइड लाइन के तहत श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे। सार्वजनिक आयोजन नहीं होंगे। रविवार की शाम तक श्रद्धालु तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
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