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हाथरस : पहले विधानसभा, फिर लोकसभा में भी पहुंचे कई राजनेता
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
यहां की जनता ने कई राजनेताओं को सिर आंखों पर बैठाया है। उन्हें विधानसभा के बाद लोकसभा तक पहुंचाया। यहां के कई राजनेता पहले विधायक चुने गए और उसके बाद वह लोकसभा में पहुंचे, अलबत्ता कई राजनेता विधानसभा का चुनाव तो हार गए, लेकिन लोकसभा का चुनाव जीत गए।
जिले मेें वर्ष 2007 तक सासनी विधानसभा सीट भी थी, लेकिन नए परिसीमन के बाद वर्ष 2012 में इसे समाप्त कर दिया गया। चुनावी इतिहास देखें तो सासनी से वर्ष 1977 में विधायक चुने गए डॉ. बंगाली सिंह को जनता ने वर्ष 1989 में हाथरस संसदीय सीट से भी चुनाव जिताया और वह लोकसभा में पहुंचे। इसी प्रकार वर्ष 1984 में हाथरस संसदीय सीट से सांसद चुने गए पूरनचंद इससे पहले कई बार कोल सीट से विधायक रहे। रामप्रसाद देशमुख पहले सासनी सीट से विधायक रहे और इसके बाद वह वर्ष 1977 में हाथरस संसदीय सीट से सांसद चुने गए।
हाथरस के चार बार सांसद रहे किशनलाल दिलेर भी कोल सीट से कई बार विधायक चुने जाने के बाद हाथरस सीट से सांसद चुने गए। उनके बेटे व हाथरस के वर्तमान सांसद राजवीर दिलेर भी इससे पहले वर्ष 2017 में इगलास से विधायक चुने गए थे और तदुपरांत वह वर्ष 2019 में हाथरस संसदीय सीट से सांसद निर्वाचित हुए, अलबत्ता पूर्व सांसद राजेश दिवाकर की स्थिति कुछ अलग रही। वर्ष 2012 में राजेश दिवाकर हाथरस विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन वह इस चुनाव को नहीं जीत सके और दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद भाजपा ने उन्हें वर्ष 2014 में हाथरस संसदीय सीट से टिकट दिया और मोदी लहर में वह लोकसभा पहुंच गए। संवाद
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यहां की जनता ने कई राजनेताओं को सिर आंखों पर बैठाया है। उन्हें विधानसभा के बाद लोकसभा तक पहुंचाया। यहां के कई राजनेता पहले विधायक चुने गए और उसके बाद वह लोकसभा में पहुंचे, अलबत्ता कई राजनेता विधानसभा का चुनाव तो हार गए, लेकिन लोकसभा का चुनाव जीत गए।
जिले मेें वर्ष 2007 तक सासनी विधानसभा सीट भी थी, लेकिन नए परिसीमन के बाद वर्ष 2012 में इसे समाप्त कर दिया गया। चुनावी इतिहास देखें तो सासनी से वर्ष 1977 में विधायक चुने गए डॉ. बंगाली सिंह को जनता ने वर्ष 1989 में हाथरस संसदीय सीट से भी चुनाव जिताया और वह लोकसभा में पहुंचे। इसी प्रकार वर्ष 1984 में हाथरस संसदीय सीट से सांसद चुने गए पूरनचंद इससे पहले कई बार कोल सीट से विधायक रहे। रामप्रसाद देशमुख पहले सासनी सीट से विधायक रहे और इसके बाद वह वर्ष 1977 में हाथरस संसदीय सीट से सांसद चुने गए।
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हाथरस के चार बार सांसद रहे किशनलाल दिलेर भी कोल सीट से कई बार विधायक चुने जाने के बाद हाथरस सीट से सांसद चुने गए। उनके बेटे व हाथरस के वर्तमान सांसद राजवीर दिलेर भी इससे पहले वर्ष 2017 में इगलास से विधायक चुने गए थे और तदुपरांत वह वर्ष 2019 में हाथरस संसदीय सीट से सांसद निर्वाचित हुए, अलबत्ता पूर्व सांसद राजेश दिवाकर की स्थिति कुछ अलग रही। वर्ष 2012 में राजेश दिवाकर हाथरस विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन वह इस चुनाव को नहीं जीत सके और दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद भाजपा ने उन्हें वर्ष 2014 में हाथरस संसदीय सीट से टिकट दिया और मोदी लहर में वह लोकसभा पहुंच गए। संवाद
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