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हाथरस : पंचायत में नए कृषि कानूनों के खिलाफ गरजे किसान
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हाथरस : किसान नेता राकेश टिकैत के आह्वान पर ज्ञापन देने से पहले पंचायत करते किसान।
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
दिल्ली सीमा पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के आह्वान पर शनिवार को होने वाला किसानों का चक्का जाम स्थगित कर दिया गया। एटा रोड स्थित गांव फुलरई के निकट जीटी रोड के किनारे किसानों ने पंचायत कर नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर जमकर प्रहार किए। मौके पर पहुंचीं एसडीएम अंजलि गंगवार को ज्ञापन सौंपा गया।
गौरतलब है कि टिकैत ने छह फरवरी को दोपहर 12 से तीन बजे तक पूरे देश में चक्का जाम करने का आह्वान किया था। ऐन वक्त पर उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम को निरस्त कर दिया गया और किसानों को निर्देश दिया गया कि वह अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार सैकड़ों किसान गांव फुलरई में एकत्रित हो गए और पंचायत की। पंचायत में किसान नेता नौबत सिंह ने कहा कि सरकार कहती है कि नए कृषि कानून किसान हित में बनाए गए हैं। हम कहते हैं कि कानून गलत हैं। जब हमारे लिए गए बनाए गए कानूनों को हम गलत बता रहे हैं तो सरकार को इन्हें वापस लेने में क्या हर्ज है। नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को अब गलत डंडे से हांकना छोड़ दे। किसान गलत कानून को मानने वाले नहीं हैं।
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ज्ञापन में तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग की गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने और 26 जनवरी को लाल किले पर बवाल के बाद गिरफ्तार किए गए किसानों को रिहा करने की मांग की गई। सुरक्षा व्यवस्था में सीओ सुरेंद्र सिंह, कोतवाल प्रवेश राणा पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाले हुए थे। इस मौके पर सत्यदेव पाठक, रामभरोसे लाल, नारायण प्रसाद, रक्षपाल सिंह, उम्मेद अली, सुरेशचंद्र, कमलेश, रोहन सिंह, रिंकू यादव, सर्वेश देवेंद्र, विजेंद्र, करन कुमार, राय सिंह, सुरेश, इंद्रपाल, महीपाल, रमेश मोटे, सुरेंद्र, रुकमपाल, श्रीनिवास, प्रमोद आदि मौजूद थे।
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दिल्ली सीमा पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के आह्वान पर शनिवार को होने वाला किसानों का चक्का जाम स्थगित कर दिया गया। एटा रोड स्थित गांव फुलरई के निकट जीटी रोड के किनारे किसानों ने पंचायत कर नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर जमकर प्रहार किए। मौके पर पहुंचीं एसडीएम अंजलि गंगवार को ज्ञापन सौंपा गया।
गौरतलब है कि टिकैत ने छह फरवरी को दोपहर 12 से तीन बजे तक पूरे देश में चक्का जाम करने का आह्वान किया था। ऐन वक्त पर उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम को निरस्त कर दिया गया और किसानों को निर्देश दिया गया कि वह अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
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तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार सैकड़ों किसान गांव फुलरई में एकत्रित हो गए और पंचायत की। पंचायत में किसान नेता नौबत सिंह ने कहा कि सरकार कहती है कि नए कृषि कानून किसान हित में बनाए गए हैं। हम कहते हैं कि कानून गलत हैं। जब हमारे लिए गए बनाए गए कानूनों को हम गलत बता रहे हैं तो सरकार को इन्हें वापस लेने में क्या हर्ज है। नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को अब गलत डंडे से हांकना छोड़ दे। किसान गलत कानून को मानने वाले नहीं हैं।
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ज्ञापन में तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग की गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने और 26 जनवरी को लाल किले पर बवाल के बाद गिरफ्तार किए गए किसानों को रिहा करने की मांग की गई। सुरक्षा व्यवस्था में सीओ सुरेंद्र सिंह, कोतवाल प्रवेश राणा पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाले हुए थे। इस मौके पर सत्यदेव पाठक, रामभरोसे लाल, नारायण प्रसाद, रक्षपाल सिंह, उम्मेद अली, सुरेशचंद्र, कमलेश, रोहन सिंह, रिंकू यादव, सर्वेश देवेंद्र, विजेंद्र, करन कुमार, राय सिंह, सुरेश, इंद्रपाल, महीपाल, रमेश मोटे, सुरेंद्र, रुकमपाल, श्रीनिवास, प्रमोद आदि मौजूद थे।