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हाथरस : फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, विभिन्न मांगों को लेकर दिया एडीएम को ज्ञापन
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हाथरस : कलेक्ट्रेट पर एडीएम को ज्ञापन देते किसान।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरसान/हाथरस।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को भी किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों के आने की सूचना पर पहले से ही वहां पुलिस फोर्स एसडीएम सदर की मौजूदगी में तैनात थी। किसानों के वाहनों को कलेक्ट्रेट के बाहर ही रोक दिया गया। जिसके बाद किसान पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन दिया।
भारतीय किसान यूनियन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन ठाकुर व राष्ट्रीय महासचिव शिव प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने किसान आयोग के गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश, कृषि संबंधित वैज्ञानिक, वरिष्ठ पदों पर प्रशासनिक सेवाएं दे चुके अधिकारी ही रखे जाएं। किसानों को कृषि कार्य की सिंचाई के लिए विद्युत दर कम कर 18 घंटे प्रतिदिन बिजली दी जाए। किसानों के कृषि संबंधित समस्त कर्ज माफ किए जाए। किसानों की लागत और लाभांश मूल्य जोड़कर समर्थन मूल्य किया जाए। इस प्रकार की फसलों को खरीदने के लिए ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर क्रय केंद्र खोले जाएं।
किसानों के उपयोग उपकरण खाद्य बीज एवं रसायन सभी को कर मुक्त किया जाए। किसानों की फसलों के बचाव के लिए आवारा जानवरों से मुक्ति के लिए पंचायत स्तर पर चारागाह की जमीनों को कब्जा मुक्त कराकर उनमें रखे जाएं। पूरे देश में विलुप्त हो चुकी प्राकृतिक नदियों को विशेष अभियान चलाकर जीवित किया जाए। किसान व मजदूर दुर्घटना राशि को दोगुना किया जाए। किसानों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था की जाए। 60 साल पूरी कर चुके किसानों को मासिक भत्ता दिया जाए। गो हत्या रोकने के लिए गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाए। इस मौके पर काफी किसान मौजूद थे।
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अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को भी किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों के आने की सूचना पर पहले से ही वहां पुलिस फोर्स एसडीएम सदर की मौजूदगी में तैनात थी। किसानों के वाहनों को कलेक्ट्रेट के बाहर ही रोक दिया गया। जिसके बाद किसान पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन दिया।
भारतीय किसान यूनियन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन ठाकुर व राष्ट्रीय महासचिव शिव प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने किसान आयोग के गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश, कृषि संबंधित वैज्ञानिक, वरिष्ठ पदों पर प्रशासनिक सेवाएं दे चुके अधिकारी ही रखे जाएं। किसानों को कृषि कार्य की सिंचाई के लिए विद्युत दर कम कर 18 घंटे प्रतिदिन बिजली दी जाए। किसानों के कृषि संबंधित समस्त कर्ज माफ किए जाए। किसानों की लागत और लाभांश मूल्य जोड़कर समर्थन मूल्य किया जाए। इस प्रकार की फसलों को खरीदने के लिए ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर क्रय केंद्र खोले जाएं।
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किसानों के उपयोग उपकरण खाद्य बीज एवं रसायन सभी को कर मुक्त किया जाए। किसानों की फसलों के बचाव के लिए आवारा जानवरों से मुक्ति के लिए पंचायत स्तर पर चारागाह की जमीनों को कब्जा मुक्त कराकर उनमें रखे जाएं। पूरे देश में विलुप्त हो चुकी प्राकृतिक नदियों को विशेष अभियान चलाकर जीवित किया जाए। किसान व मजदूर दुर्घटना राशि को दोगुना किया जाए। किसानों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था की जाए। 60 साल पूरी कर चुके किसानों को मासिक भत्ता दिया जाए। गो हत्या रोकने के लिए गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाए। इस मौके पर काफी किसान मौजूद थे।
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