{"_id":"6209533216e38f1ab2731689","slug":"hathras-even-after-deteriorating-health-the-heart-of-the-officers-did-not-melt-the-woman-kept-wandering-to-cut-the-duty-hathras-news-ali285105735","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : तबियत बिगड़ने पर भी नहीं पिघला अफसरों का दिल, ड्यूटी कटाने के लिए भटकती रही महिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : तबियत बिगड़ने पर भी नहीं पिघला अफसरों का दिल, ड्यूटी कटाने के लिए भटकती रही महिला
विज्ञापन
गाड़ी में लेटी बीमार महिला कर्मी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
सेंट फ्रांसिस में प्रशिक्षण के दौरान एक महिला कार्मिक की तबियत बिगड़ गई। महिला का भाई उसकी ड्यूटी हटवाने के लिए अफसरों के आगे गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन अफसरों का दिल नहीं पिघला और उल्टे बागला अस्पताल जाकर जांच करवाकर रिपोर्ट लाने को कह दिया। महिला इस हाल में भी अस्पताल गई लेकिन किसी चिकित्सक ने उसकी रिपोर्ट नहीं बनाई।
आयोग के निर्देश के क्रम में सेंट फ्रांसिस कॉलेज में मतदान कार्मिकों को मतदान को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान भुवनेश नामक महिला कार्मिक की तबियत अचानक बिगड़ गई। उक्त महिला के भाई नरेंद्र कुमार ने बताया कि मेरी बहन दिल की मरीज है। 11 फरवरी को उसकी ड्यूटी हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
लेकिन ड्यूटी नहीं हटाई गई। पुरानी मेडिकल रिपोर्ट दिखाने के बाद भी अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। अस्पताल जाने पर वहां जांच करने के लिए कोई चिकित्सक तक मौजूद नहीं है। महिला ड्यूटी कटवाने के लिए इधर-उधर भटक रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेंट फ्रांसिस में प्रशिक्षण के दौरान एक महिला कार्मिक की तबियत बिगड़ गई। महिला का भाई उसकी ड्यूटी हटवाने के लिए अफसरों के आगे गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन अफसरों का दिल नहीं पिघला और उल्टे बागला अस्पताल जाकर जांच करवाकर रिपोर्ट लाने को कह दिया। महिला इस हाल में भी अस्पताल गई लेकिन किसी चिकित्सक ने उसकी रिपोर्ट नहीं बनाई।
आयोग के निर्देश के क्रम में सेंट फ्रांसिस कॉलेज में मतदान कार्मिकों को मतदान को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान भुवनेश नामक महिला कार्मिक की तबियत अचानक बिगड़ गई। उक्त महिला के भाई नरेंद्र कुमार ने बताया कि मेरी बहन दिल की मरीज है। 11 फरवरी को उसकी ड्यूटी हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
विज्ञापन
लेकिन ड्यूटी नहीं हटाई गई। पुरानी मेडिकल रिपोर्ट दिखाने के बाद भी अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। अस्पताल जाने पर वहां जांच करने के लिए कोई चिकित्सक तक मौजूद नहीं है। महिला ड्यूटी कटवाने के लिए इधर-उधर भटक रही है।
विज्ञापन