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हाथरस : साल के आखिरी सूर्यग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट रहे बंद
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हाथरस : सूर्यग्रहण के चलते मंदिरों के बंद कपाट। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दिवाली के अगले दिन मंगलवार को साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगा। ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतककाल शुरू हो गया। इस वजह से दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा नहीं हुई। सूतककाल शुरू होने से पहले मंदिरों के कपाट बंद हो गए। हाथरस में ग्रहण चार बजकर 40 मिनट से शुरू होकर पांच बजकर तीन मिनट तक रहा। ग्रहण के मोक्ष के बाद शाम को मंदिरों में सफाई और पूजा-अर्चना का दौर चला। घरों में भी सफाई की गई।
मंगलवार को दिवाली के अगले दिन शाम को चार बजकर 40 मिनट से सूर्यग्रहण की शुरुआत हुई। ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक लग जाते हैं। ऐसे में खाने की वस्तुओं में तुलसी दल डाला गया। सूतक लगने के बाद धार्मिक अनुष्ठान व शुभ काम नहीं किया जाता। सूतक लगने से पहले मंगलवार की सुबह चार बजे कुछ मंदिरों में आरती हुई। उसके बाद कपाट बंद कर दिए गए। शहर के नवग्रह मंदिर, रामदरबार, गुड़िहाई बाजार स्थित दाऊजी मंदिर, किला परिसर स्थित दाऊजी मंदिर, रूई की मंडी स्थित कन्हैया जी मंदिर आदि मंदिरों में सुबह से शाम तक कपाट बंद रहे।
हाथरस में ग्रहण चार बजकर 40 मिनट से शुरू होकर पांच बजकर तीन मिनट तक रहा। ग्रहण के दौरान लोगों ने भजन-कीर्तन किया। करीब 50 मिनट तक ब्रज की देहरी पर सूर्यग्रहण का साया रहा। उप ग्रहण होने के बाद सभी मंदिरों में सफाई की गई। शाम की आरती की गई। घरों में गंगाजल का छिड़काव किया गया। भगवान को भोग लगाया गया। इस दौरान लोगों ने सफाई कर्मियों को अनाज और पुराने कपड़े आदि का दान किया। संवाद
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दिवाली के अगले दिन मंगलवार को साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगा। ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतककाल शुरू हो गया। इस वजह से दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा नहीं हुई। सूतककाल शुरू होने से पहले मंदिरों के कपाट बंद हो गए। हाथरस में ग्रहण चार बजकर 40 मिनट से शुरू होकर पांच बजकर तीन मिनट तक रहा। ग्रहण के मोक्ष के बाद शाम को मंदिरों में सफाई और पूजा-अर्चना का दौर चला। घरों में भी सफाई की गई।
मंगलवार को दिवाली के अगले दिन शाम को चार बजकर 40 मिनट से सूर्यग्रहण की शुरुआत हुई। ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक लग जाते हैं। ऐसे में खाने की वस्तुओं में तुलसी दल डाला गया। सूतक लगने के बाद धार्मिक अनुष्ठान व शुभ काम नहीं किया जाता। सूतक लगने से पहले मंगलवार की सुबह चार बजे कुछ मंदिरों में आरती हुई। उसके बाद कपाट बंद कर दिए गए। शहर के नवग्रह मंदिर, रामदरबार, गुड़िहाई बाजार स्थित दाऊजी मंदिर, किला परिसर स्थित दाऊजी मंदिर, रूई की मंडी स्थित कन्हैया जी मंदिर आदि मंदिरों में सुबह से शाम तक कपाट बंद रहे।
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हाथरस में ग्रहण चार बजकर 40 मिनट से शुरू होकर पांच बजकर तीन मिनट तक रहा। ग्रहण के दौरान लोगों ने भजन-कीर्तन किया। करीब 50 मिनट तक ब्रज की देहरी पर सूर्यग्रहण का साया रहा। उप ग्रहण होने के बाद सभी मंदिरों में सफाई की गई। शाम की आरती की गई। घरों में गंगाजल का छिड़काव किया गया। भगवान को भोग लगाया गया। इस दौरान लोगों ने सफाई कर्मियों को अनाज और पुराने कपड़े आदि का दान किया। संवाद
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