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हाथरस : कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से नहीं मिल पा रहा योजनाओं का लाभ
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
उप्र कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि जायसवाल ने कृषि कानूनों को लेकर किसानों के साथ बैठक की। उन्होंने किसानों को कृषि कानूनों से होने वाले लाभों की जानकारी दी। इसी दौरान किसानों ने उन्हें अवगत कराया कि तहसीलों में दाखिल खारिज में विलंब किया जा रहा है। किसान सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है, बैंकों द्वारा फसली ऋण पर अधिक ब्याज वसूला जा रहा है तथा बीमा की धनराशि का सही जानकारी न देने से बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि स्थानीय कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से ही उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
ऋषि जायसवाल ने बताया कि केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर किसानों के हित में किसान पाठशाला, किसान गोष्ठी कर किसानों को जागरूक करने का भरपूर प्रयास कर रही हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों द्वारा लापरवाही के कारण किसान लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। इसी प्रकार निराश्रित गोवंश और आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसल का नुकसान किया जा रहा है। इस संबंध में पशुपालन विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में लगभग पांच लाख गोवंशों के लिए गोशालाएं बनवाईं है।
इसके बावजूद भी जनपद हाथरस में अभी तक कोई गोशाला मॉडल के रूप में तैयार नहीं हो पाई है, जबकि आगरा अलीगढ़ सहित कई जनपदों में गोशाला मॉडल के रूप में विकसित होकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप स्थानीय कृषि विभाग सहित किसानों से संबंधित सभी विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों द्वारा शासन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किसानों के हित की सभी योजनाओं को तत्परता से धरातल पर लागू करना चाहिए है।
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उप्र कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि जायसवाल ने कृषि कानूनों को लेकर किसानों के साथ बैठक की। उन्होंने किसानों को कृषि कानूनों से होने वाले लाभों की जानकारी दी। इसी दौरान किसानों ने उन्हें अवगत कराया कि तहसीलों में दाखिल खारिज में विलंब किया जा रहा है। किसान सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है, बैंकों द्वारा फसली ऋण पर अधिक ब्याज वसूला जा रहा है तथा बीमा की धनराशि का सही जानकारी न देने से बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि स्थानीय कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से ही उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
ऋषि जायसवाल ने बताया कि केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर किसानों के हित में किसान पाठशाला, किसान गोष्ठी कर किसानों को जागरूक करने का भरपूर प्रयास कर रही हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों द्वारा लापरवाही के कारण किसान लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। इसी प्रकार निराश्रित गोवंश और आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसल का नुकसान किया जा रहा है। इस संबंध में पशुपालन विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में लगभग पांच लाख गोवंशों के लिए गोशालाएं बनवाईं है।
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इसके बावजूद भी जनपद हाथरस में अभी तक कोई गोशाला मॉडल के रूप में तैयार नहीं हो पाई है, जबकि आगरा अलीगढ़ सहित कई जनपदों में गोशाला मॉडल के रूप में विकसित होकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप स्थानीय कृषि विभाग सहित किसानों से संबंधित सभी विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों द्वारा शासन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किसानों के हित की सभी योजनाओं को तत्परता से धरातल पर लागू करना चाहिए है।
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