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हाथरस : सफाई व्यवस्था ठीक न मिलने पर डीएम ने जताई नाराजगी
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हाथरस : डीएम कूड़ा अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों का जायजा लेते डीएम रमेश रंजन। संवाद
- फोटो : SHAPHU
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने नगर पंचायत सहपऊ में निर्माणाधीन एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फ़ैसेलिटी) सेेंटर का निरीक्षण किया। डीएम ने सेंटर के कमरों की छत और अवशेष शेड के निर्माण और ठोस कचरे के निस्तारण जैसे लंबित कार्यों को तत्काल गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूरा कराने और कूड़ा प्रबंधन कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था बेहतर न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और नियमित रूप से सफाई कराने के निर्देश दिए। कूड़ा डालने वाले स्थल को प्लास्टिक ग्रीन टीन के माध्यम से कवर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा संकलन शत-प्रतिशत कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) विकास व निर्माण कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने बताया कि एमआरएफ सेंटर के निर्माण के लिए तीन माह पूर्व टेंडर किया गया था। इसके लिए शासन से 33.67 लाख रुपये का आवंटन किया गया है। इसमें मौके पर बाउंड्रीवाल, कमरे और स्वच्छता बेसिन के प्लेटफार्म का निर्माण किया जा चुका है। नगर पंचायत के पास ठोस कचरा डंपिंग के लिए कोई भूमि उपलब्ध नही है। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को निर्देशित किया कि नगर पंचायत की सरकारी और नजूल की भूमि का विवरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। नगर पंचायत में निकलने वाले कूड़े को एकत्र करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम ने वार्ड संख्या दो गढ़ी खेरा में खेल मैदान के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। एसडीएम और तहसीलदार को को खतौनी के गाटा संख्या में दर्ज रकबे के आधार पर पैमाइश कराने के निर्देश दिए और कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति ने भूमि पर कब्जा किया है तो उनकी सूची तैयार करते हुए नोटिस जारी कर तत्काल अवैध कब्जे को हटवाएं। ईओ को निर्धारित सीमा में खेल के मैदान के चारों ओर खंभे लगाने के निर्देश दिए। ईओ ने बताया कि नगर पंचायत सहपऊ में एक भी पार्क नहीं है। गढ़ी खेरा की लगभग 2.5 एकड़ भूमि नॉन जेड ए है और आबादी क्षेत्र के अंतर्गत है। इस पर नगर पंचायत द्वारा पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव है। डीएम ने खेल मैदान से सटी हुई संचालित पानी की टंकी का निरीक्षण किया।
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ईओ ने बताया कि नगर पंचायत में दो ओवरहैड टैंक हैं। एक गढ़ी खेरा और दूसरा कार्यालय परिसर में है। गढ़ी खेरा स्थित ओवरहैड टैंक की क्षमता 200 किलो लीटर (2 लाख लीटर) और कार्यालय परिसर स्थित ओवरहैड टैंक की क्षमता 120 किलो लीटर (1 लाख 20 हजार लीटर ) है। दोनों चालू हैं। इनसे संपूर्ण कस्बे में पेयजल आपूर्ति की जाती है। नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 1522 भवन हैं। नगर पंचायत सहपऊ द्वारा 660 घरों में पानी का कनेक्शन दिया गया है। शेष घरों में निजी सबमर्सिबल और 165 हैंडपंपों के माध्यम से पानी दिया जा रहा है। दिन में दो बार आपूर्ति दी जाती है। इसके लिए एक कर्मचारी की तैनाती की गई है। डीएम ने गर्मी में जरूरत को देखते हुए दिन में तीन बार पानी की आपूर्ति देने के निर्देश दिए।
डीएम ने पानी टंकी स्थल पर खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण करने और बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाने के अलावा लोगों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गढ़ी खेरा स्थित ओवरहैड टैंक परिसर में खाली पड़ी जमीन पर जिम का सामान और बच्चों के लिए झूले लगाने के निर्देश दिए। वाटर लेबल मापक यंत्र का स्केप टूटा होने पर डीएम ने निर्देशित किया कि ओवरहैड टैंक में जल्द यह यंत्र लगवाया जाए, जिससे ओवरहैड टैंक में पानी की मात्रा का अनुमान लगाया जा सके। संवाद
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जिलाधिकारी रमेश रंजन ने नगर पंचायत सहपऊ में निर्माणाधीन एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फ़ैसेलिटी) सेेंटर का निरीक्षण किया। डीएम ने सेंटर के कमरों की छत और अवशेष शेड के निर्माण और ठोस कचरे के निस्तारण जैसे लंबित कार्यों को तत्काल गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूरा कराने और कूड़ा प्रबंधन कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था बेहतर न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और नियमित रूप से सफाई कराने के निर्देश दिए। कूड़ा डालने वाले स्थल को प्लास्टिक ग्रीन टीन के माध्यम से कवर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा संकलन शत-प्रतिशत कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) विकास व निर्माण कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने बताया कि एमआरएफ सेंटर के निर्माण के लिए तीन माह पूर्व टेंडर किया गया था। इसके लिए शासन से 33.67 लाख रुपये का आवंटन किया गया है। इसमें मौके पर बाउंड्रीवाल, कमरे और स्वच्छता बेसिन के प्लेटफार्म का निर्माण किया जा चुका है। नगर पंचायत के पास ठोस कचरा डंपिंग के लिए कोई भूमि उपलब्ध नही है। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को निर्देशित किया कि नगर पंचायत की सरकारी और नजूल की भूमि का विवरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। नगर पंचायत में निकलने वाले कूड़े को एकत्र करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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इसके बाद डीएम ने वार्ड संख्या दो गढ़ी खेरा में खेल मैदान के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। एसडीएम और तहसीलदार को को खतौनी के गाटा संख्या में दर्ज रकबे के आधार पर पैमाइश कराने के निर्देश दिए और कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति ने भूमि पर कब्जा किया है तो उनकी सूची तैयार करते हुए नोटिस जारी कर तत्काल अवैध कब्जे को हटवाएं। ईओ को निर्धारित सीमा में खेल के मैदान के चारों ओर खंभे लगाने के निर्देश दिए। ईओ ने बताया कि नगर पंचायत सहपऊ में एक भी पार्क नहीं है। गढ़ी खेरा की लगभग 2.5 एकड़ भूमि नॉन जेड ए है और आबादी क्षेत्र के अंतर्गत है। इस पर नगर पंचायत द्वारा पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव है। डीएम ने खेल मैदान से सटी हुई संचालित पानी की टंकी का निरीक्षण किया।
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ईओ ने बताया कि नगर पंचायत में दो ओवरहैड टैंक हैं। एक गढ़ी खेरा और दूसरा कार्यालय परिसर में है। गढ़ी खेरा स्थित ओवरहैड टैंक की क्षमता 200 किलो लीटर (2 लाख लीटर) और कार्यालय परिसर स्थित ओवरहैड टैंक की क्षमता 120 किलो लीटर (1 लाख 20 हजार लीटर ) है। दोनों चालू हैं। इनसे संपूर्ण कस्बे में पेयजल आपूर्ति की जाती है। नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 1522 भवन हैं। नगर पंचायत सहपऊ द्वारा 660 घरों में पानी का कनेक्शन दिया गया है। शेष घरों में निजी सबमर्सिबल और 165 हैंडपंपों के माध्यम से पानी दिया जा रहा है। दिन में दो बार आपूर्ति दी जाती है। इसके लिए एक कर्मचारी की तैनाती की गई है। डीएम ने गर्मी में जरूरत को देखते हुए दिन में तीन बार पानी की आपूर्ति देने के निर्देश दिए।
डीएम ने पानी टंकी स्थल पर खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण करने और बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाने के अलावा लोगों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गढ़ी खेरा स्थित ओवरहैड टैंक परिसर में खाली पड़ी जमीन पर जिम का सामान और बच्चों के लिए झूले लगाने के निर्देश दिए। वाटर लेबल मापक यंत्र का स्केप टूटा होने पर डीएम ने निर्देशित किया कि ओवरहैड टैंक में जल्द यह यंत्र लगवाया जाए, जिससे ओवरहैड टैंक में पानी की मात्रा का अनुमान लगाया जा सके। संवाद