फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: Diarrhea wreaks havoc on children, so far two lives

हाथरस : बच्चों पर डायरिया का कहर, अब तक दो की गई जान

Thu, 16 Jun 2022 11:27 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
Hathras: Diarrhea wreaks havoc on children, so far two lives
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

जिले में तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी के चलते बच्चे डायरिया और बुखार के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर निजी डॉक्टरों तक के यहां मरीजों की भीड़ है। डॉक्टरों ने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है। इसमें लापरवाही बच्चे की जान के लिए खतरा बन सकती है। पिछले दो दिन में दो बच्चों की डायरिया से मौत हो गई।
पिछले कुछ दिनों से जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक है। तेज गर्मी के कारण बच्चे डायरिया, पेटदर्द और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। निजी और सरकारी अस्पतालों में डायरिया पीड़ित बच्चे बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी बाल मरीजों की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई है। सबसे ज्यादा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बोतल से दूध पिलाने से भी बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर निजी क्लीनिकों तक में डायरिया पीड़ितों की संख्या बढ़ गई है। वयस्क भी डायरिया के शिकार हो रहे हैं। संवाद
विज्ञापन

बीमारियों के कारण
- गर्म वातावरण से ठंडे में आना
- रोटा वायरस का इन्फेक्शन
- दूषित पानी का प्रयोग करना
- बाहर का दूध व दूषित खाना
बचाव के उपाय
- तेज धूप में जाने से बचें
- बाहर की चीजों का न करें
- दाल का पानी पिलाएं
- चावल का मांड पीएं
- दही-केला सेवन कराएं
-विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें
10 में से तीन बच्चे डायरिया से पीड़ित
जानकारों की मानें तो अस्पताल में प्रतिदिन 10 बच्चों में से दो-तीन डायरिया की गिरफ्त में आ रहे है। क्लीनिकों में इलाज करवाने वाले बच्चों की संख्या और भी ज्यादा है। दो वर्ष की उम्र के बच्चे ज्यादा प्रभावित हैं। इनमें वे बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें माताएं बोतल से दूध पिला रही हैं। गर्मी के मौसम में बोतल की सफाई अच्छी तरह नहीं करने की वजह से दूध पिलाते वक्त वायरस की चपेट में आने से बच्चों को डायरिया हो रहा है। ऐसे बच्चों को कभी भी बोतल से दूध नहीं पिलाना चाहिए। मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है। बच्चे को अगर बुखार और उल्टी हो तो ओआरएस का घोल जरूर पिलाएं। तीन से चार दिनों में बच्चा स्वस्थ हो जाएगा। जिंक की दवा भी लाभदायक है। पानी ज्यादा पिलाना चाहिए। रोटा वायरस की वजह से बच्चों में डायरिया होता है। अत: रोटा वायरस का टीका बच्चे को लगवाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

हमारे यहां बच्चों के डॉक्टर नहीं हैं, फिर भी बच्चों का उपचार जो संभव हो सकता है, उतना हम कर रहे हैं। छह महीने से छोटे गंभीर बच्चों को यहां नहीं रख पाते हैं। बच्चे को मां का दूध ही पिलाना चाहिए, बोतल से दूध पिलाने से परहेज करना चाहिए। ओआरएस का घोल बच्चों को दिन में दो से तीन बार देते रहना चाहिए, इससे बच्चों में पानी की कमी की पूर्ति होती है।
-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed