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हाथरस : जर्जर तारों को दुरुस्त कराने की मांग
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
बरात चढ़त के दौरान करंट से हुए हादसे के बाद क्षेत्र के गांव अजरोई के ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा। शुक्रवार को दरकौली के ग्राम प्रधान मदन फौजी ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड तृतीय को शिकायत देकर गांव की विद्युत लाइन को दुरुस्त कराने की मांग की है। शिकायत की प्रति ऊर्जा मंत्री और प्रबंध निदेशक आगरा को भेजी गई है।
दरअसल, ग्राम अजरोई में बनी विद्युत लाइन के तार नीचे होने के कारण बुधवार की देर रात करंट लगने से करीब छह लोग झुलस गए, जिससे क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। चूंकि गांव-गांव बिजली की लाइन जर्जर हालत में हैं। लाइनों के तार इतने नीचे हैं कि हादसा होने का भय बना रहता है।
ग्राम प्रधान दरकौली ने शिकायत में कहा है कि गांव की आपूर्ति विद्युत उपकेंद्र भोपतपुर से दी जा रही है। यह लाइन वर्ष 1964 की बनी है, जिसमें खंभों की दूरी अधिक होने और तार जर्जर होने के कारण हादसे का भय बना रहता है। आरोप है कि कई जगह पर तार जमीन से मात्र आठ-दस फीट की ऊंचाई पर हैं, जिनसे हादसे का डर बना रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद समाधान की मांग की गई है, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।
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बरात चढ़त के दौरान करंट से हुए हादसे के बाद क्षेत्र के गांव अजरोई के ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा। शुक्रवार को दरकौली के ग्राम प्रधान मदन फौजी ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड तृतीय को शिकायत देकर गांव की विद्युत लाइन को दुरुस्त कराने की मांग की है। शिकायत की प्रति ऊर्जा मंत्री और प्रबंध निदेशक आगरा को भेजी गई है।
दरअसल, ग्राम अजरोई में बनी विद्युत लाइन के तार नीचे होने के कारण बुधवार की देर रात करंट लगने से करीब छह लोग झुलस गए, जिससे क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। चूंकि गांव-गांव बिजली की लाइन जर्जर हालत में हैं। लाइनों के तार इतने नीचे हैं कि हादसा होने का भय बना रहता है।
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ग्राम प्रधान दरकौली ने शिकायत में कहा है कि गांव की आपूर्ति विद्युत उपकेंद्र भोपतपुर से दी जा रही है। यह लाइन वर्ष 1964 की बनी है, जिसमें खंभों की दूरी अधिक होने और तार जर्जर होने के कारण हादसे का भय बना रहता है। आरोप है कि कई जगह पर तार जमीन से मात्र आठ-दस फीट की ऊंचाई पर हैं, जिनसे हादसे का डर बना रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद समाधान की मांग की गई है, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।
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