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हाथरस: बीमा प्रीमियम से बचने को देना होगा घोषणा पत्र
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन स्तर से अब फसल बीमा की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। केसीसी के जरिये ऋण लेने वाले किसान बैंक में घोषणा पत्र देकर फसल बीमा के प्रीमियम के खाते से कटने की प्रक्रिया को रोक सकते हैं। इसके लिए किसानों को 24 जुलाई से पहले अपनी अपनी बैंकों में घोषणा पत्र देना होगा।
केसीसी धारक किसानों के लिए फसल बीमा अनिवार्य था। शासन स्तर से इसमें संशोधन किया गया है। अब किसान अपनी स्वेच्छा से ही बीमा करा सकता है। यदि किसान फसल बीमा नहीं कराना चाहता है तो उसका बैंक प्रीमियम नहीं कटेगा। किसान 24 जुलाई तक अपनी अपनी बैंकों में जाकर घोषणा पत्र देना होगा कि वह फसल बीमा नहीं चाहता है।
विगत में किसान के न चाहते हुए भी अनिवार्यता के कारण केसीसी धारक को प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता था। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले साल के खरीफ 2019 में 18253 किसानों ने केसीसी पर ऋण लिया था। फसल बीमा योजना में ऑटोमेटिक 2 फीसदी खरीफ की फसल पर प्रीमियम कटता था। यदि कोई किसान लोन लेने के बाद फसल का बीमा नहीं चाहता है तो उसे 24 जुलाई तक अपनी बैंक में जाकर घोषणा पत्र देना होगा।
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शासन स्तर से अब फसल बीमा की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। केसीसी के जरिये ऋण लेने वाले किसान बैंक में घोषणा पत्र देकर फसल बीमा के प्रीमियम के खाते से कटने की प्रक्रिया को रोक सकते हैं। इसके लिए किसानों को 24 जुलाई से पहले अपनी अपनी बैंकों में घोषणा पत्र देना होगा।
केसीसी धारक किसानों के लिए फसल बीमा अनिवार्य था। शासन स्तर से इसमें संशोधन किया गया है। अब किसान अपनी स्वेच्छा से ही बीमा करा सकता है। यदि किसान फसल बीमा नहीं कराना चाहता है तो उसका बैंक प्रीमियम नहीं कटेगा। किसान 24 जुलाई तक अपनी अपनी बैंकों में जाकर घोषणा पत्र देना होगा कि वह फसल बीमा नहीं चाहता है।
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विगत में किसान के न चाहते हुए भी अनिवार्यता के कारण केसीसी धारक को प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता था। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले साल के खरीफ 2019 में 18253 किसानों ने केसीसी पर ऋण लिया था। फसल बीमा योजना में ऑटोमेटिक 2 फीसदी खरीफ की फसल पर प्रीमियम कटता था। यदि कोई किसान लोन लेने के बाद फसल का बीमा नहीं चाहता है तो उसे 24 जुलाई तक अपनी बैंक में जाकर घोषणा पत्र देना होगा।
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