{"_id":"631394d4fbdca11181378d7b","slug":"hathras-could-not-even-participate-in-the-celebration-of-wife-s-victory-due-to-illness-hathras-news-ali2995923137","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : बीमारी के चलते पत्नी की जीत के जश्न में भी नहीं हो सके थे शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : बीमारी के चलते पत्नी की जीत के जश्न में भी नहीं हो सके थे शामिल
विज्ञापन
हाथरस : एबुलेंस में शोकाकुल बैठीं पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी व हाथरस की जिला पंचायत अध
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय पिछले काफी समय से बीमार थे। वर्ष 2017 में बसपा से सादाबाद सीट से चुनाव जीतने के बाद उन्हें कैंसर ने जकड़ लिया था और उनका अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चला। भाजपा ने उन्हें सादाबाद से टिकट तो दिया था, लेकिन चुनाव हारने की एक मुख्य वजह उनकी बीमारी ही रही।
पिछले साल उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ी। उस समय तक रामवीर उपाध्याय काफी स्वस्थ हो गए और उन्होंने अपनी पत्नी के चुनाव की पूरी रूपरेखा खुद तैयार की। वोटिंग के दिन तीन जुलाई को रामवीर उपाध्याय खुद अपने खेमे के समर्थक सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट तक पहुंचे थे, लेकिन इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ गई थी और वह बीच में से ही उन्हें ले जाया गया था।
इस चुनाव में सीमा उपाध्याय जीत गई थीं, लेकिन रामवीर उनके विजय जुलूस व अन्य किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे। इसके बाद रामवीर को भाजपा ने वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सादाबाद से प्रत्याशी भी बना दिया था, लेकिन रामवीर को महज चेहरा दिखाने के लिए एक बार चुनाव प्रचार में लाया गया था।
विज्ञापन
यहां तक कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार में आए थे। तब भी रामवीर को वहां नहीं लाया गया था। इससे स्पष्ट था कि रामवीर कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। अब आखिरकार शुक्रवार की रात्रि में आगरा के रैनबो अस्पताल में उन्होंने अंतिम सास ले ली। संवाद
विज्ञापन
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय पिछले काफी समय से बीमार थे। वर्ष 2017 में बसपा से सादाबाद सीट से चुनाव जीतने के बाद उन्हें कैंसर ने जकड़ लिया था और उनका अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चला। भाजपा ने उन्हें सादाबाद से टिकट तो दिया था, लेकिन चुनाव हारने की एक मुख्य वजह उनकी बीमारी ही रही।
पिछले साल उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ी। उस समय तक रामवीर उपाध्याय काफी स्वस्थ हो गए और उन्होंने अपनी पत्नी के चुनाव की पूरी रूपरेखा खुद तैयार की। वोटिंग के दिन तीन जुलाई को रामवीर उपाध्याय खुद अपने खेमे के समर्थक सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट तक पहुंचे थे, लेकिन इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ गई थी और वह बीच में से ही उन्हें ले जाया गया था।
विज्ञापन
इस चुनाव में सीमा उपाध्याय जीत गई थीं, लेकिन रामवीर उनके विजय जुलूस व अन्य किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे। इसके बाद रामवीर को भाजपा ने वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सादाबाद से प्रत्याशी भी बना दिया था, लेकिन रामवीर को महज चेहरा दिखाने के लिए एक बार चुनाव प्रचार में लाया गया था।
विज्ञापन
यहां तक कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार में आए थे। तब भी रामवीर को वहां नहीं लाया गया था। इससे स्पष्ट था कि रामवीर कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। अब आखिरकार शुक्रवार की रात्रि में आगरा के रैनबो अस्पताल में उन्होंने अंतिम सास ले ली। संवाद