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हाथरस : शहर के कई इलाकों में दूषित पानी बिगाड़ रहा सेहत

Tue, 13 Dec 2022 11:07 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Dec 2022 11:07 PM IST
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Hathras: Contaminated water is spoiling health in many areas of the city
हाथरस : शहर के तालाब चौराहे पर टीडीएस 700 प्रति लीटर एमजी। संवाद - फोटो : HATHRAS
गौरव भारद्वाज
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हाथरस। शहर में दूषित पानी बीमारियों को न्योता दे रहा है। शहर के मंडी समिति और घंटाघर सहित कई स्थानों पर टीडीएस यानि कुल घुलित लवण) की पड़ताल की गई तो गई तो पानी में इसकी मात्रा पांच सौ से सात सौ एमजी तक सामने आई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार प्रति लीटर पानी में इसकी मात्रा 300 मिली ग्राम से कम होनी चाहिए। यदि पानी में टीडीएस की मात्रा पांच सौ एमजी प्रति लीटर से ज्यादा हो जाती है तो यह अरुचिकर हो जाता है। ज्यादा टीडीएस हो जाने से ऐसा पानी बीमारियों का कारण बनता है। संवाद
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पीने के पानी में टीडीएस व इसका महत्व
शरीर के प्रत्येक अंग में पानी ही पानी है। पानी शरीर में जहरीले पदार्थों को टायलेट के जरिए बाहर निकालता है। यदि इससे अधिक टीडीएस हो तो पानी आपके शरीर को नुकसान पहुंचाएगा। पानी में अधिक टीडीएस होने से किडनी, पथरी, हड्डियां कमजोर होने के साथ लीवर आदि की बीमारियों की आशंका ज्यादा रहती है। हर रोज ढाई लीटर पानी का सेवन करना चाहिए। कम पानी पीने से भी कई समस्याएं हो जाती हैं।
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शहर के कई इलाकों में भरा है गंदा पानी
शहर के कई इलाके ऐसे हैं। जहां गंदे पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। खाली पड़े स्थानों पर जलभराव हो रहा है। शहर के शिव कॉलोनी, नगला अलगर्जी रोड आ ैर सीयल खेड़ा सहित कई स्थानों पर जलभराव हो रहा है। इससे भूजल दूषित हो रहा है। इस कारण लोग मिनरल वाटर से प्यास बुझा रहे हैं।
राम मंदिर के निकट निकला 700 एमजी टीडीएस
अमर उजाला की टीम ने शहर के अलीगढ़ रोड स्थित मंडी समिति में सबमर्सिबल के पानी का टीडीएस जांचा तो यह छह सौ एमजी सामने आया। शहर के अति व्यस्त तालाब चौराहा पर राम मंदिर के निकट लगे नल का पानी चेक किया तो टीडीएस 700 निकला। शहर के घंटाघर पर टीडीएस चेक किया तो 581 निकला। इसके बाद शहर के कमला बाजार स्थित होली गली में टीडीएस चेक किया तो 750 निकला। टीडीएस के आंकड़ों को देखकर शहरवासी हैरान नजर आए।
नल से भरकर बुझाते हैं प्यास
शहर के मुख्य बाजारों में हर रोज ग्रामीण अंचल और शहरी इलाके के काफी लोग पहुंचते हैं। जब इन्हें प्यास लगती है तो वह किसी भी नल से भरकर प्यास बुझाते हैं। तालाब चौराहा अति व्यस्त है। यहां यातायात सुचारु करने में लगे कर्मी भी बढ़े हुए टीडीएस के पानी का सेवन कर रहे हैं।
नहीं है रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था
शहर में अधिकांश स्थानों पर बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नही है। यदि बारिश के पानी को शुद्ध अवस्था में जमीन के अंदर पहुंचाया जाए तो काफी हद तक टीडीएस में सुधार हो सकता है। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्राथमिकता पर लागू किया जाए, ताकि शहर के पानी में बढ़ते टीडीएस को रोका जा सके।

पानी में टीडीएस बढ़ने से रोकने के लिए बारिश के पानी को शुद्ध करते हुए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिये जमीन के अंदर पहुंचाया जाए, जिससे टीडीएस बढ़ने से रुक जाएगा। पानी को दूषित होने से बचाने के लिए सभी को पहल करनी चाहिए। नगर पालिका भी इसे लेकर पहल कर रही है।
-सोमप्रकाश, एई जलकल संस्थान, नगर पालिका हाथरस
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