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हाथरस: सीमेंट की चादर से पटी मिलीं शौचालयों की छतें
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सीमेंट की चादर से पटी मिलीं शौचालयों की छतें
डीपीआरओ के निरीक्षण में सामने आई शौचालय निर्माण की हकीकत
एक दर्जन सोलर लाइटें मिलीं खराब, डस्टबिन मौके से मिले गायब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। ब्लॉक सासनी के गांव कौमरी का डीपीआरओ बनवारी सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान गांव में हुए विकास कार्यों के अभिलेख मौजूद नहीं मिले। गांव में निर्मित शौचालयों में छत का पटाव सीमेंट की चादर से हुआ पाया गया। गांव में एक दर्जन सोलर लाइटें खराब स्थिति में मिलीं। डीपीआरओ ने इस पर नाराजगी जताई। डीपीआरओ ने पंचायत सचिव से गांव में कराए गए विकास कार्यों के अभिलेख भी तलब किए हैं।
बृहस्पतिवार को गांव कौमरी में हुए विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए डीपीआरओ ने औचक निरीक्षण किया। उनको विकास कार्यों की स्थिति बेहद खराब मिली। हैरानी की बात यह रही कि पंचायत सचिव गांव में हुए विकास कार्यों व स्वच्छ भारत मिशन से हुए कार्यों के अभिलेख तक नहीं दिखा सके। गांव में भ्रमण के दौरान सामने आया कि गांव में 24 सोलर लाइटें लगाई गई हैं। इनमें से 12 लाइटें मौके पर खराब स्थिति में मिलीं।
गांव में बने शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब सामने आई। गांव में निर्मित शौचालय की छतें सीमेंट की चादर से ढकी हुई मिलीं। गांव में रिकॉर्ड के अनुसार लगे डस्टबिन में से मौके पर एक भी डस्टबिन मौजूद नहीं मिला। इस स्थिति पर डीपीआरओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने पंचायत सचिव को सभी विकास कार्यों व अन्य संबंधित दस्तावेजों के साथ तलब किया है। डीपीआरओ ने बताया कि दस्तावेज नहीं आने की स्थिति में कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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डीपीआरओ के निरीक्षण में सामने आई शौचालय निर्माण की हकीकत
एक दर्जन सोलर लाइटें मिलीं खराब, डस्टबिन मौके से मिले गायब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। ब्लॉक सासनी के गांव कौमरी का डीपीआरओ बनवारी सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान गांव में हुए विकास कार्यों के अभिलेख मौजूद नहीं मिले। गांव में निर्मित शौचालयों में छत का पटाव सीमेंट की चादर से हुआ पाया गया। गांव में एक दर्जन सोलर लाइटें खराब स्थिति में मिलीं। डीपीआरओ ने इस पर नाराजगी जताई। डीपीआरओ ने पंचायत सचिव से गांव में कराए गए विकास कार्यों के अभिलेख भी तलब किए हैं।
बृहस्पतिवार को गांव कौमरी में हुए विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए डीपीआरओ ने औचक निरीक्षण किया। उनको विकास कार्यों की स्थिति बेहद खराब मिली। हैरानी की बात यह रही कि पंचायत सचिव गांव में हुए विकास कार्यों व स्वच्छ भारत मिशन से हुए कार्यों के अभिलेख तक नहीं दिखा सके। गांव में भ्रमण के दौरान सामने आया कि गांव में 24 सोलर लाइटें लगाई गई हैं। इनमें से 12 लाइटें मौके पर खराब स्थिति में मिलीं।
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गांव में बने शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब सामने आई। गांव में निर्मित शौचालय की छतें सीमेंट की चादर से ढकी हुई मिलीं। गांव में रिकॉर्ड के अनुसार लगे डस्टबिन में से मौके पर एक भी डस्टबिन मौजूद नहीं मिला। इस स्थिति पर डीपीआरओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने पंचायत सचिव को सभी विकास कार्यों व अन्य संबंधित दस्तावेजों के साथ तलब किया है। डीपीआरओ ने बताया कि दस्तावेज नहीं आने की स्थिति में कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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