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हाथरस : मांगों को लेकर बैंक कर्मियों ने एसबीआई पर किया प्रदर्शन
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हाथरस : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की घास मंडी स्थित शाखा पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बैंक कर्म?
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर बैंक कर्मियों ने बुधवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की स्थानीय मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पांच दिवसीय बैंकिंग की शुरुआत करने, नई पेंशन योजना को समाप्त करने, महंगाई भत्ते से जुड़ी पेंशन योजना बहाल किए जाने सहित कई मांगें कर रहे हैं। 27 जून को प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने की अपील की गई।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए फोरम के जिला संयोजक बीएस जैन ने कहा कि दसवें द्विपक्षीय समझौता 2015 में हस्ताक्षरित हुआ था। उस समय दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी घोषित कर दी गई थी। अन्य दो शनिवारों के लिए आगे आपसी समझौते का आश्वासन दिया गया था। ग्यारहवें द्विपक्षीय समझौते में इस मुद्दे को उठाया गया, परंतु इस पर समझौता नहीं हो सका। आगे वार्ता द्वारा तय करने का आश्वासन दिया गया। पेंशन पर समझौता सन 1993 में हस्ताक्षरित हुआ, जिसमें वर्ष 1986 से अवकाश प्राप्त कर्मचारियों को भी पेंशन देने का प्राविधान था। उसके बाद पांच-पांच साल के अंतराल से सात समझौते बैंक कर्मचारियों के वेतनमान पर हो चुके हैं, परंतु आज तक अवकाश प्राप्त कर्मचारियों की पेंशन अद्यतनीकरण पर कोई समझौता नहीं हुआ है। हर बार पेंशन अद्यतनीकरण का आश्वासन दिया जाता है।
उन्होंने नई पेंशन योजना समाप्त करने, महंगाई भत्ते से जुडी पेंशन योजना बहाल किए जाने की मांग की। उन्होंने सीबीएस व डीबीएस बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों को 11वां वेतन समझौता लागू करने पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने 27 जून को बैंकों के ताले न खोलने का आह्वान भी किया। आर्यावर्त बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री जीके शर्मा ने कहा कि हमारे संगठन ने बहुत धैर्य का परिचय दिया, लेकिन आईबीए हमारी मांगों पर चर्चा करने के लिए आगे नहीं आया। मजबूर होकर संगठन को बैंक कर्मियों को सड़क पर उतरना पड़ा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय मंत्री प्रवीन कुमार सिंह ने कहा कि सभी बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को एकजुट होकर हड़ताल सहित सभी आंदोलनों को सफल बनाने की आवश्यकता है। हमारा आंदोलन सफल होगा तो हमारी मांगों पर समझौता सुनिश्चित है। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष साथी वीके शर्मा ने सरकार और आईबीए की नीतियों की निंदा की।
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प्रदर्शन करने वालों में मनीष कुमार, राजीव कुमार, दिनेशचंद्र, प्रेमचंद्र, लक्ष्मी नारायण, प्रिया कुशवाहा, राकेश वर्मा, यतेश गर्ग, ओमप्रकाश, मुकेश गुप्ता, अमन कुमार, उमाशंकर जैन, नन्नूमल, संजय जैन, रवि राकेश, सत्येंद्र कुमार, अशोक शर्मा, नरेंद्र, शैलेंद्र कुमार, भानु प्रताप, कनिष्का अग्रवाल, नीलम पौनियां, रवींद्र गौतम, ज्योति शर्मा, नवीन गुप्ता, राजीव, दिनेश, रमाकांत, शंकरलाल, विनोद, सुरेशचंद्र, महेशचंद्र, विजेंद्र कुमार आदि थे।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर बैंक कर्मियों ने बुधवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की स्थानीय मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पांच दिवसीय बैंकिंग की शुरुआत करने, नई पेंशन योजना को समाप्त करने, महंगाई भत्ते से जुड़ी पेंशन योजना बहाल किए जाने सहित कई मांगें कर रहे हैं। 27 जून को प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने की अपील की गई।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए फोरम के जिला संयोजक बीएस जैन ने कहा कि दसवें द्विपक्षीय समझौता 2015 में हस्ताक्षरित हुआ था। उस समय दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी घोषित कर दी गई थी। अन्य दो शनिवारों के लिए आगे आपसी समझौते का आश्वासन दिया गया था। ग्यारहवें द्विपक्षीय समझौते में इस मुद्दे को उठाया गया, परंतु इस पर समझौता नहीं हो सका। आगे वार्ता द्वारा तय करने का आश्वासन दिया गया। पेंशन पर समझौता सन 1993 में हस्ताक्षरित हुआ, जिसमें वर्ष 1986 से अवकाश प्राप्त कर्मचारियों को भी पेंशन देने का प्राविधान था। उसके बाद पांच-पांच साल के अंतराल से सात समझौते बैंक कर्मचारियों के वेतनमान पर हो चुके हैं, परंतु आज तक अवकाश प्राप्त कर्मचारियों की पेंशन अद्यतनीकरण पर कोई समझौता नहीं हुआ है। हर बार पेंशन अद्यतनीकरण का आश्वासन दिया जाता है।
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उन्होंने नई पेंशन योजना समाप्त करने, महंगाई भत्ते से जुडी पेंशन योजना बहाल किए जाने की मांग की। उन्होंने सीबीएस व डीबीएस बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों को 11वां वेतन समझौता लागू करने पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने 27 जून को बैंकों के ताले न खोलने का आह्वान भी किया। आर्यावर्त बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री जीके शर्मा ने कहा कि हमारे संगठन ने बहुत धैर्य का परिचय दिया, लेकिन आईबीए हमारी मांगों पर चर्चा करने के लिए आगे नहीं आया। मजबूर होकर संगठन को बैंक कर्मियों को सड़क पर उतरना पड़ा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय मंत्री प्रवीन कुमार सिंह ने कहा कि सभी बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को एकजुट होकर हड़ताल सहित सभी आंदोलनों को सफल बनाने की आवश्यकता है। हमारा आंदोलन सफल होगा तो हमारी मांगों पर समझौता सुनिश्चित है। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष साथी वीके शर्मा ने सरकार और आईबीए की नीतियों की निंदा की।
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प्रदर्शन करने वालों में मनीष कुमार, राजीव कुमार, दिनेशचंद्र, प्रेमचंद्र, लक्ष्मी नारायण, प्रिया कुशवाहा, राकेश वर्मा, यतेश गर्ग, ओमप्रकाश, मुकेश गुप्ता, अमन कुमार, उमाशंकर जैन, नन्नूमल, संजय जैन, रवि राकेश, सत्येंद्र कुमार, अशोक शर्मा, नरेंद्र, शैलेंद्र कुमार, भानु प्रताप, कनिष्का अग्रवाल, नीलम पौनियां, रवींद्र गौतम, ज्योति शर्मा, नवीन गुप्ता, राजीव, दिनेश, रमाकांत, शंकरलाल, विनोद, सुरेशचंद्र, महेशचंद्र, विजेंद्र कुमार आदि थे।