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हाथरस : कई किलोमीटर दूर बैंक शाखाएं, रुपया लुटने का रहता है डर

Wed, 21 Sep 2022 12:13 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Sep 2022 12:13 AM IST
सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरसबैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण जनता को सुविधाएं जरूर मिली हैं, लेकिन तमाम गांव आज भी ऐसे हैं, जहां के निवासियों को बैंकिंग सेवाओं के लिए कई-कई किलोमीटर दूर तक चक्कर काटना पड़ रहा है। यहां के निवासी अपने गांव में छोटी बैंक शाखा या बैंक मित्र के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने की मांग कर रहे हैं।कस्बे में दर्जनभर से ज्यादा विभिन्न बैंक शाखाएं हैं। -देवेश प्रधान गीगला।-बहादुरपुर भूप निवासी से नौ किलोमीटर दूर सादाबाद स्थित बैंक में जाना पड़ रहा है।

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Hathras: Bank branches many kilometers away, there is a fear of looting money

विस्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण जनता को सुविधाएं जरूर मिली हैं, लेकिन तमाम गांव आज भी ऐसे हैं, जहां के निवासियों को बैंकिंग सेवाओं के लिए कई-कई किलोमीटर दूर तक चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे सर्वाधिक परेशानी पेंशनधारकों को हो रही है। वहीं रास्ते में रुपये लुटने का खतरा अलग है। यहां के निवासी अपने गांव में छोटी बैंक शाखा या बैंक मित्र के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने की मांग कर रहे हैं।
कस्बे में दर्जनभर से ज्यादा विभिन्न बैंक शाखाएं हैं। बहरदोई, कजरौठी, ऊंचा गांव, नौगांव, बिसावर, गढ़ उमराव, मई, बरौस, कुरसंडा आदि में भी बैंकों शाखा हैं, जिनके जरिए लोग बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। सरकार से मिलने वाली सब्सिडी, छात्रवृत्ति, पेंशन, मानदेय, तनख्वाह के लिए बैंक खाता जरूरी है।
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क्षेत्र में तमाम गांव ऐसे भी हैं जहां के निवासियों को बैंकिंग सेवाओं के लिए गांव से तक 10-10 किलोमीटर दूर तक जाना-आना पड़ रहा है। बैंक से रुपये लेकर लौटते समय लूट, गिरहकटी का भी कुछ लोग शिकार हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी वृद्ध पेंशन धारकों की है। जारऊ, वेदई, गीगला, जैतई के अलावा सलेमपुर रोड स्थित तमाम गांव बैंक शाखाओं से काफी दूर हैं। संवाद
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इनकी अपनी बात
-हमारे गांव से सादाबाद सात किलोमीटर दूर है। महिलाओं एवं बुजुर्गों को धन निकालने व जमा करने के लिए बैंक तक जाने-आने में परेशानी हो रही है। गांव में एक सरकारी बैंक या प्राइवेट बैंक जरूरी है, ताकि लोगों की दिक्कत दूर हो सके। -मोहित चौहान प्रधान बेदई।
-गीगला से सादाबाद की दूरी नौ किलोमीटर है। गांव में कोई भी बैंक शाखा नहीं है। बुजुर्ग महिलाओं को पेंशन लेने के लिए सादाबाद जाना पड़ रहा है, जिसमें उन्हें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में बैंक शाखा जरूरी है। -देवेश प्रधान गीगला।
-बहादुरपुर भूप निवासी से नौ किलोमीटर दूर सादाबाद स्थित बैंक में जाना पड़ रहा है। गांव में बैंक या मिनी शाखा खुल जाए तो परेशानी से राहत मिलेगी। कभी-कभी तो कनेक्टिविटी न होने पर खाली हाथ लौटना पड़ता है। -महावीरी देवी बहादुरपुर भूप।

-नगला हीरा से सादाबाद की दूरी 15 किलोमीटर और मई की दूरी सात किलोमीटर है। गांव के बुजुर्गों को पेंशन के लिए बैंक शाखा तक ले जाने लाने में परेशानी होती है। बॉर्डर का गांव है इस गांव में बैंक का होना अति आवश्यक है। -राकेश नगला हीरा।
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