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हाथरस : फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बना पारिवारिक योजना का लाभ पाने के लिए किए आवेदन
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पारिवारिक योजना में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर योजना का लाभ लेने के मामले में सामने आए हैं। तहसीलवार सत्यापन के दौरान 85 आवेदनकर्ता अपात्र पाए गए हैं। इन आवेदनकर्ताओं ने ऑफलाइन मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर प्रमाणपत्र से छेड़छाड़ कर उसे मृत्यु से एक साल की अवधि के अंदर अपलोड कर आवेदन किए हैं। इन आवेदनों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शासन की ओर से पति की मृत्यु के बाद मृतक की पत्नी को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है। मृतक की पत्नी को पति की मृत्यु के एक साल के अंदर आवेदन करना होता है। जिले भर से पारिवारिक योजना के तहत लाभ पाने के लिए 891 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें सिकंदराराऊ से 403, सासनी से 53, सादाबाद से 140 और हाथरस से 295 आवेदन आए।
आवेदन में पति के मृत्यु प्रमाण के साथ अन्य दस्तावेजों को भी समाहित किया जाता है। समाज कल्याण विभाग की ओर से इन आवेदनों की जांच तहसीलवार कराई जा रही है। जांच के दौरान तहसील सिकंदाराराऊ में 53, सासनी में 13 और सादाबाद में 19 आवेदनकर्ता अपात्र पाए गए।
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तहसील हाथरस में आवेदनों की जांच जारी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि कुछ आवेदनकर्ताओं ने ऑफलाइन मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर आवेदन किया था। इन मृत्यु प्रमाणपत्र की जारी तिथि व मृत्यु की तिथि में छेड़छाड़ कर फर्जी मृत्यु प्रमाण के आधार पर आवेदन किया था। जांच कर इन सभी आवेदनों को निरस्त किया जा रहा है।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पारिवारिक योजना में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर योजना का लाभ लेने के मामले में सामने आए हैं। तहसीलवार सत्यापन के दौरान 85 आवेदनकर्ता अपात्र पाए गए हैं। इन आवेदनकर्ताओं ने ऑफलाइन मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर प्रमाणपत्र से छेड़छाड़ कर उसे मृत्यु से एक साल की अवधि के अंदर अपलोड कर आवेदन किए हैं। इन आवेदनों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शासन की ओर से पति की मृत्यु के बाद मृतक की पत्नी को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है। मृतक की पत्नी को पति की मृत्यु के एक साल के अंदर आवेदन करना होता है। जिले भर से पारिवारिक योजना के तहत लाभ पाने के लिए 891 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें सिकंदराराऊ से 403, सासनी से 53, सादाबाद से 140 और हाथरस से 295 आवेदन आए।
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आवेदन में पति के मृत्यु प्रमाण के साथ अन्य दस्तावेजों को भी समाहित किया जाता है। समाज कल्याण विभाग की ओर से इन आवेदनों की जांच तहसीलवार कराई जा रही है। जांच के दौरान तहसील सिकंदाराराऊ में 53, सासनी में 13 और सादाबाद में 19 आवेदनकर्ता अपात्र पाए गए।
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तहसील हाथरस में आवेदनों की जांच जारी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि कुछ आवेदनकर्ताओं ने ऑफलाइन मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर आवेदन किया था। इन मृत्यु प्रमाणपत्र की जारी तिथि व मृत्यु की तिथि में छेड़छाड़ कर फर्जी मृत्यु प्रमाण के आधार पर आवेदन किया था। जांच कर इन सभी आवेदनों को निरस्त किया जा रहा है।