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हाथरस : विनोद, रामेश्वर, चिरागवीर सहित पांच की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जानलेवा हमले व जातिसूचक गालियां देने के एक मामले में न्यायालय ने पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, उनके बेटे चिरागवीर उपाध्याय सहित पांच लोगों की अग्रिम जमानत याचिका को विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने इनके विरुद्ध पूर्व में गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ-साथ धारा 82 के तहत कुर्की नोटिस चस्पा करने के आदेश दिए थे। चुनाव प्रचार के दौरान इन पर जातिसूचक गालियां देने और जानलेवा हमले का आरोप है।
उल्लेखनीय है कि न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें कहा गया था कि चंदपा क्षेत्र के गांव पट्टी बिसाना निवासी रिंकू और उसके पिता जितेंद्र आठ फरवरी 2017 को प्रचार वाहन से समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार करने के लिए रिश्तेदारियों में जा रहे थे। इस वाहन में अन्य लोग भी सवार थे। जैसे ही प्रचार वाहन सहपऊ क्षेत्र में मानिकपुर रेलवे पुल के निकट दोपहर 11.30 बजे पहुंचा तो वहां पहले से अलग-अलग वाहनों में सवार घात लगाए बैठे अभियुक्तों ने उसकी गाड़ी को रोक लिया। रिंकू को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी और वीरेंद्र को जातिसूचक गालियां देते हुए मारा पीटा।
इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व मंत्री रामवीर के बेटे चिरागवीर उपाध्याय के अलावा शशिकांत शर्मा व चिंटू गौतम निवासी नौगंवा हाल निवासी बालाजी नगर सादाबाद व 40-50 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। कोर्ट के आदेश पर थाना सहपऊ में यह मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस ने अंतिम आख्या लगा दी थी।
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इस मामले में पुलिस की अंतिम आख्या के विरुद्ध प्रोटेस्ट पिटीशन दायर किया गया था। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पुलिस की अंतिम आख्या को निरस्त कर प्रोटेस्ट पिटीशन स्वीकार कर लिया था। तदुपरांत कोर्ट ने इस मामले में शशिकांत शर्मा, चिंटू गौतम, विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, चिरागवीर उपाध्याय के विरुद्ध धारा 147, 148,149, 323, 307, 504 आईपीसी व 3 (2) (5) एससी-एसटी एक्ट के तहत तलब किया था। अभियुक्तों के कोर्ट में हाजिर न होने पर विेशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) ने इन पांचों के खिलाफ गैरजमानती वांरट भी जारी किए थे।
इस मामले में पुलिस ने अपनी यह आख्या दी थी कि अभियुक्तों के यहां दबिश दी गई, लेकिन वह दस्तयाब नहीं हुए। ऐसे में तदुपरांत कोर्ट ने अभियुक्तों के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी करने के साथ-साथ धारा 82 सीआरपीसी के तहत कुर्की नोटिस चस्पा करने के भी आदेश दिए थे। अब इसी मामले में पांचों आरोपियों की ओर से विशेष न्यायालय ( एससी-एसटी एक्ट) में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। पांचों अभियुक्तों के अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय के समक्ष कई तर्क प्रस्तुत किए। वहीं अभियोजन पक्ष ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के उपरांत न्यायालय ने इन पांचों अभियुक्तों का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। संवाद
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जानलेवा हमले व जातिसूचक गालियां देने के एक मामले में न्यायालय ने पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, उनके बेटे चिरागवीर उपाध्याय सहित पांच लोगों की अग्रिम जमानत याचिका को विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने इनके विरुद्ध पूर्व में गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ-साथ धारा 82 के तहत कुर्की नोटिस चस्पा करने के आदेश दिए थे। चुनाव प्रचार के दौरान इन पर जातिसूचक गालियां देने और जानलेवा हमले का आरोप है।
उल्लेखनीय है कि न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें कहा गया था कि चंदपा क्षेत्र के गांव पट्टी बिसाना निवासी रिंकू और उसके पिता जितेंद्र आठ फरवरी 2017 को प्रचार वाहन से समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार करने के लिए रिश्तेदारियों में जा रहे थे। इस वाहन में अन्य लोग भी सवार थे। जैसे ही प्रचार वाहन सहपऊ क्षेत्र में मानिकपुर रेलवे पुल के निकट दोपहर 11.30 बजे पहुंचा तो वहां पहले से अलग-अलग वाहनों में सवार घात लगाए बैठे अभियुक्तों ने उसकी गाड़ी को रोक लिया। रिंकू को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी और वीरेंद्र को जातिसूचक गालियां देते हुए मारा पीटा।
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इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व मंत्री रामवीर के बेटे चिरागवीर उपाध्याय के अलावा शशिकांत शर्मा व चिंटू गौतम निवासी नौगंवा हाल निवासी बालाजी नगर सादाबाद व 40-50 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। कोर्ट के आदेश पर थाना सहपऊ में यह मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस ने अंतिम आख्या लगा दी थी।
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इस मामले में पुलिस की अंतिम आख्या के विरुद्ध प्रोटेस्ट पिटीशन दायर किया गया था। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पुलिस की अंतिम आख्या को निरस्त कर प्रोटेस्ट पिटीशन स्वीकार कर लिया था। तदुपरांत कोर्ट ने इस मामले में शशिकांत शर्मा, चिंटू गौतम, विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय, चिरागवीर उपाध्याय के विरुद्ध धारा 147, 148,149, 323, 307, 504 आईपीसी व 3 (2) (5) एससी-एसटी एक्ट के तहत तलब किया था। अभियुक्तों के कोर्ट में हाजिर न होने पर विेशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) ने इन पांचों के खिलाफ गैरजमानती वांरट भी जारी किए थे।
इस मामले में पुलिस ने अपनी यह आख्या दी थी कि अभियुक्तों के यहां दबिश दी गई, लेकिन वह दस्तयाब नहीं हुए। ऐसे में तदुपरांत कोर्ट ने अभियुक्तों के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी करने के साथ-साथ धारा 82 सीआरपीसी के तहत कुर्की नोटिस चस्पा करने के भी आदेश दिए थे। अब इसी मामले में पांचों आरोपियों की ओर से विशेष न्यायालय ( एससी-एसटी एक्ट) में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। पांचों अभियुक्तों के अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय के समक्ष कई तर्क प्रस्तुत किए। वहीं अभियोजन पक्ष ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के उपरांत न्यायालय ने इन पांचों अभियुक्तों का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। संवाद