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हाथरस : कृषक दुर्घटना कल्याण के 48 में से 27 दावे मंजूर
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हाथरस : कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते डीएम रमेश रंजन। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी रमेश रंजन ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा की। डीएम ने सर्व सहमति के आधार पर 48 में से 27 दावों को स्वीकृत कर दिया। छह दावे निरस्त किए गए। 15 दावों को अपूर्ण होने के कारण लंबित रखा गया है। डीएम ने कहा कि लंबित दावों को किसी भी पटल पर लंबित न रखा जाए।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जो भी आवेदन पात्र प्राप्त हो, उनमें समय से कार्यवाही करते हुए लाभार्थियों को समय से लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होने सभी उप जिलाधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना से संबंधित मामलों में लेखपाल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली रिपोर्ट पर आश्रित न रहते हुए समय-समय पर मामलों की जांच स्वयं अपने स्तर पर करना सुनिश्चित करें।
डीएम ने कहा कि शासनादेश के अनुसार हत्या के मामलों का अनुबंध इस योजना में न होने के कारण उनको शामिल न करते हुए निरस्त किया गया है। उन्होंने समस्त एसडीएम से कहा कि अधीनस्थ लेखपालों को निर्देशित करें कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। संबंधित मामलों की समस्त कार्यवाही को पूर्ण करते हुए 45 दिन के अंदर आवेदन जमा कराना सुनिश्चित करें। संवाद
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कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी रमेश रंजन ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा की। डीएम ने सर्व सहमति के आधार पर 48 में से 27 दावों को स्वीकृत कर दिया। छह दावे निरस्त किए गए। 15 दावों को अपूर्ण होने के कारण लंबित रखा गया है। डीएम ने कहा कि लंबित दावों को किसी भी पटल पर लंबित न रखा जाए।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जो भी आवेदन पात्र प्राप्त हो, उनमें समय से कार्यवाही करते हुए लाभार्थियों को समय से लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होने सभी उप जिलाधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना से संबंधित मामलों में लेखपाल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली रिपोर्ट पर आश्रित न रहते हुए समय-समय पर मामलों की जांच स्वयं अपने स्तर पर करना सुनिश्चित करें।
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डीएम ने कहा कि शासनादेश के अनुसार हत्या के मामलों का अनुबंध इस योजना में न होने के कारण उनको शामिल न करते हुए निरस्त किया गया है। उन्होंने समस्त एसडीएम से कहा कि अधीनस्थ लेखपालों को निर्देशित करें कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। संबंधित मामलों की समस्त कार्यवाही को पूर्ण करते हुए 45 दिन के अंदर आवेदन जमा कराना सुनिश्चित करें। संवाद
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