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हाथरस : सात ब्लॉकों में 2016 स्वयं सहायता समूहों का होगा गठन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन स्तर से जिले के सातों ब्लॉकों में 2016 स्वयं सहायता समूहों के गठन को लेकर लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। जल्द ही इन समूहों के गठन को लेकर टीमें जिले में आएंगी। यह टीमें गांवों में रहकर समूहों का गठन करेंगी। यहां स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन की ओर से समूहों के गठन किए जाने को लेकर मुहर लगा दी गई है।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में वर्तमान में 1600 स्वयं सहायता समूह क्रियाशील हैं। इन समूहों की दीदी गांवों में आंगनबाड़ी के लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण, स्कूल ड्रेस बनाना सहित अन्य कामों को कर रही हैं। इसके जरिये इन दीदियों की आजीविका बनी हुई हैं। इन कामों के जरिये शासन स्तर से निर्धारित धनराशि भी मुहैया कराई जा रही है। वहीं स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक शौचालय रख-रखाव की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई हैं। इसके लिए इन समूहों को शासन की ओर से मानदेय भी दिया जा रहा है।
इस वित्तीय वर्ष में जिले के सभी ब्लॉकों को एनआरएलएम में शामिल कर लिया गया है। इन सातों ब्लॉकों में समूहों के गठन को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। जिले के सातों ब्लॉकों में 2016 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। इसे लेकर शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन से भी इन समूहों के गठन को की जाने वाले कार्रवाई को लेकर अनुमति ले ली गई है। इन समूहों के गठन के लिए जिले में अन्य जिलों से टीमें आएंगी। यह टीमें यहां गांवों में 15 दिन रहकर समूहों का गठन करेंगी और इन समूहों को कामकाज के तरीके भी समझाएंगी।
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शासन स्तर से 2016 समूहों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल्द ही सभी ब्लॉकों में समूहों के गठन की कार्रवाई शुरु कर दी जाएगी।
रंजन सिह, जिला समन्वयक एनआरएलएम
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शासन स्तर से जिले के सातों ब्लॉकों में 2016 स्वयं सहायता समूहों के गठन को लेकर लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। जल्द ही इन समूहों के गठन को लेकर टीमें जिले में आएंगी। यह टीमें गांवों में रहकर समूहों का गठन करेंगी। यहां स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन की ओर से समूहों के गठन किए जाने को लेकर मुहर लगा दी गई है।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में वर्तमान में 1600 स्वयं सहायता समूह क्रियाशील हैं। इन समूहों की दीदी गांवों में आंगनबाड़ी के लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण, स्कूल ड्रेस बनाना सहित अन्य कामों को कर रही हैं। इसके जरिये इन दीदियों की आजीविका बनी हुई हैं। इन कामों के जरिये शासन स्तर से निर्धारित धनराशि भी मुहैया कराई जा रही है। वहीं स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक शौचालय रख-रखाव की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई हैं। इसके लिए इन समूहों को शासन की ओर से मानदेय भी दिया जा रहा है।
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इस वित्तीय वर्ष में जिले के सभी ब्लॉकों को एनआरएलएम में शामिल कर लिया गया है। इन सातों ब्लॉकों में समूहों के गठन को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। जिले के सातों ब्लॉकों में 2016 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। इसे लेकर शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन से भी इन समूहों के गठन को की जाने वाले कार्रवाई को लेकर अनुमति ले ली गई है। इन समूहों के गठन के लिए जिले में अन्य जिलों से टीमें आएंगी। यह टीमें यहां गांवों में 15 दिन रहकर समूहों का गठन करेंगी और इन समूहों को कामकाज के तरीके भी समझाएंगी।
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शासन स्तर से 2016 समूहों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल्द ही सभी ब्लॉकों में समूहों के गठन की कार्रवाई शुरु कर दी जाएगी।
रंजन सिह, जिला समन्वयक एनआरएलएम