{"_id":"62e96524bd1d2a4eee6da3e6","slug":"hathras-12-thousand-electricity-thieves-can-get-relief-from-trial-in-the-district-hathras-news-ali2973729163","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : जिले में 12 हजार बिजली चोरों को मिल सकती है मुकदमे से राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : जिले में 12 हजार बिजली चोरों को मिल सकती है मुकदमे से राहत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के 12 हजार बिजली चोरों को मुकदमे से राहत मिल सकती है। बिजली महकमे द्वारा शहर से गांव तक इसके लिए शिविर लगाए जाएंगे। लोगों से बिजली चोरी का शमन शुल्क जमा कराकर मौके पर ही रियायत दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों द्वारा इसके लिए योजना तैयार की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग के रिकॉर्ड में हाथरस शहर में 34 प्रतिशत व देहात में 60 प्रतिशत बिजली की चोरी हो रही है। इसको रोकने के लिए टीमों ने अभियान भी चलाया। अब एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में लक्ष्य से पिछड़ने के बाद विभागीय अधिकारी बकाया लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इस क्रम में निगम स्तर से साफ शब्दों में आदेश हुआ है कि जिन लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज हो गया है।
यदि वह न्यायालय से बचना चाहते हैं और मामले को खत्म करना चाहते हैं तो गांव में लगने वाले शिविर में जाकर अपना शमन शुल्क व राजस्व निर्धारण की राशि जमा कर सकते हैं। शिविर में बिजली विभाग के बाबू के अलावा थाने के कर्मियों की तैनात रहेगी। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा लिखा गया है और मामला कोर्ट में नहीं चल रहा है, उनकी सुविधा के लिए गांव गांव कैंप लगाए जाएंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के 12 हजार बिजली चोरों को मुकदमे से राहत मिल सकती है। बिजली महकमे द्वारा शहर से गांव तक इसके लिए शिविर लगाए जाएंगे। लोगों से बिजली चोरी का शमन शुल्क जमा कराकर मौके पर ही रियायत दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों द्वारा इसके लिए योजना तैयार की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग के रिकॉर्ड में हाथरस शहर में 34 प्रतिशत व देहात में 60 प्रतिशत बिजली की चोरी हो रही है। इसको रोकने के लिए टीमों ने अभियान भी चलाया। अब एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में लक्ष्य से पिछड़ने के बाद विभागीय अधिकारी बकाया लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इस क्रम में निगम स्तर से साफ शब्दों में आदेश हुआ है कि जिन लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज हो गया है।
विज्ञापन
यदि वह न्यायालय से बचना चाहते हैं और मामले को खत्म करना चाहते हैं तो गांव में लगने वाले शिविर में जाकर अपना शमन शुल्क व राजस्व निर्धारण की राशि जमा कर सकते हैं। शिविर में बिजली विभाग के बाबू के अलावा थाने के कर्मियों की तैनात रहेगी। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा लिखा गया है और मामला कोर्ट में नहीं चल रहा है, उनकी सुविधा के लिए गांव गांव कैंप लगाए जाएंगे। संवाद
विज्ञापन