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आर्थिक तंगी से शिक्षामित्र को आया हार्टअटैक, मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:12 AM IST
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शिक्षामित्र की मौत पर विलाप करते परिजन व मौजूद शिक्षामित्र नेता।
- फोटो : Amar Ujala
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ब्लॉक हाथरस के 42 वर्षीय शिक्षामित्र रामजीजाल निवासी राजपुर की हृदयाघात से गुरुवार को मौत हो गई। परिजनों और अन्य शिक्षामित्रों का कहना है कि उनकी मौत आर्थिक तंगी के कारण हुई है। वह समायोजन निरस्त होने के कारण लंबे समय से अवसाद में थे।
शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बृजेश वशिष्ठ ने बताया कि रामजीलाल को विभागीय समायोजन के बाद ब्लॉक सासनी के प्राथमिक विद्यालय नगला खंदा में तैनात किया गया था। विभाग द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त करने के बावजूद शिक्षामित्रों को दूर-दराज के विद्यालयों में ही विभागीय विद्यालयों में भेजा जा रहा है। उनका मानदेय भी महज 10 हजार रुपये कर दिया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग से तैनात शिक्षामित्रों को ग्रांट नहीं आने के कारण विगत छह माह से वेतन भी जारी नहीं हुआ है। शिक्षामित्र के तीन बेटियां क्रमश: 14, 11 एवं 09 वर्ष की हैं, जबकि छह वर्षीय एक पुत्र भी है। आर्थिक तंगी के कारण वह काफी परेशान थे।
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शिक्षामित्र की मौत के बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मृतक शिक्षामित्र को अंतिम विदाई देने पहुंचे। साथी की आर्थिक तंगी से मौत पर शिक्षामित्रों ने आक्रोश जताया। बृजेश वशिष्ठ के साथ राजपुर जाने वालों में प्रमुख रूप से विनय भारद्वाज, अवधेश शर्मा,मुकेश सेंगर, प्रमोद सेंगर, हाकिम सिंह, मुकेश कुमार, यतेंद्र पाठक आदि उपस्थित थे।
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शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बृजेश वशिष्ठ ने बताया कि रामजीलाल को विभागीय समायोजन के बाद ब्लॉक सासनी के प्राथमिक विद्यालय नगला खंदा में तैनात किया गया था। विभाग द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त करने के बावजूद शिक्षामित्रों को दूर-दराज के विद्यालयों में ही विभागीय विद्यालयों में भेजा जा रहा है। उनका मानदेय भी महज 10 हजार रुपये कर दिया गया।
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बेसिक शिक्षा विभाग से तैनात शिक्षामित्रों को ग्रांट नहीं आने के कारण विगत छह माह से वेतन भी जारी नहीं हुआ है। शिक्षामित्र के तीन बेटियां क्रमश: 14, 11 एवं 09 वर्ष की हैं, जबकि छह वर्षीय एक पुत्र भी है। आर्थिक तंगी के कारण वह काफी परेशान थे।
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शिक्षामित्र की मौत के बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मृतक शिक्षामित्र को अंतिम विदाई देने पहुंचे। साथी की आर्थिक तंगी से मौत पर शिक्षामित्रों ने आक्रोश जताया। बृजेश वशिष्ठ के साथ राजपुर जाने वालों में प्रमुख रूप से विनय भारद्वाज, अवधेश शर्मा,मुकेश सेंगर, प्रमोद सेंगर, हाकिम सिंह, मुकेश कुमार, यतेंद्र पाठक आदि उपस्थित थे।