{"_id":"5ed550388ebc3e9069551e21","slug":"gram-pradhan-s-administrative-and-economical-power-seize-hathras-news-ali235095329","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम प्रधान मूढ़ा नौजरपुर के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम प्रधान मूढ़ा नौजरपुर के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
ब्लॉक सिकंदराराऊ की ग्राम पंचायत मूढा नौजरपुर में हुए विकास कार्यों में 1.09 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इसमें ग्राम प्रधान, तत्कालीन सचिव, अवर अभियंता लघु सिंचाई और अवर अभियंता आरईडी को दोषी माना गया है। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने ग्राम प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों को सीज कर दिया है। वहीं सभी दोषियों से दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली किए जाने के निर्देश जारी किए हैं।
ब्लॉक सिकंदराराऊ के गांव मूढा नौजरपुर के रहने वाले उमेश कुमार ने ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए डीएम से शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर डीएम ने उक्त प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जांच के दौरान सामने आया कि गांव में राज्य वित्त व 14वें वित्त योजना के तहत हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता बरती गई है। जांच टीम को गांव में हुए विकास कार्यों में 1.09 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इस मामले में ग्राम प्रधान , तत्कालीन पंचायत सचिव, अवर अभियंता लघु सिंचाई, अवर अभियंता आरईडी को दोषी माना गया।
ग्राम प्रधान से उक्त प्रकरण में स्पष्टीकरण तलब किया गया। स्पष्टीकरण से अधिकारी संतुष्ट नहीं हो सके। जांच टीम ने ग्राम प्रधान जशोदा देवी पर 36947 रुपये, तत्कालीन सचिव दलवीर सिंह पर 36497 रुपये, अवर अभियंता लघु सिंचाई ओमप्रकाश पर 27854 रुपये और अवर अभियंता आरईडी हरीमोहन पर 8643 रुपये के दुरुप्रयोग का दोषी माना है। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने ग्राम प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों को सीज करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस प्रकरण की अंतिम जांच के लिए सीबीओ और अधिशासी अभियंता लोनिवि को नामित किया है। डीडीओ को ग्राम पंचायत सचिव से वसूली करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दोनों अवर अभियंता से वसूली को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्लॉक सिकंदराराऊ की ग्राम पंचायत मूढा नौजरपुर में हुए विकास कार्यों में 1.09 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इसमें ग्राम प्रधान, तत्कालीन सचिव, अवर अभियंता लघु सिंचाई और अवर अभियंता आरईडी को दोषी माना गया है। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने ग्राम प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों को सीज कर दिया है। वहीं सभी दोषियों से दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली किए जाने के निर्देश जारी किए हैं।
ब्लॉक सिकंदराराऊ के गांव मूढा नौजरपुर के रहने वाले उमेश कुमार ने ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए डीएम से शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर डीएम ने उक्त प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जांच के दौरान सामने आया कि गांव में राज्य वित्त व 14वें वित्त योजना के तहत हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता बरती गई है। जांच टीम को गांव में हुए विकास कार्यों में 1.09 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इस मामले में ग्राम प्रधान , तत्कालीन पंचायत सचिव, अवर अभियंता लघु सिंचाई, अवर अभियंता आरईडी को दोषी माना गया।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान से उक्त प्रकरण में स्पष्टीकरण तलब किया गया। स्पष्टीकरण से अधिकारी संतुष्ट नहीं हो सके। जांच टीम ने ग्राम प्रधान जशोदा देवी पर 36947 रुपये, तत्कालीन सचिव दलवीर सिंह पर 36497 रुपये, अवर अभियंता लघु सिंचाई ओमप्रकाश पर 27854 रुपये और अवर अभियंता आरईडी हरीमोहन पर 8643 रुपये के दुरुप्रयोग का दोषी माना है। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने ग्राम प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों को सीज करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस प्रकरण की अंतिम जांच के लिए सीबीओ और अधिशासी अभियंता लोनिवि को नामित किया है। डीडीओ को ग्राम पंचायत सचिव से वसूली करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दोनों अवर अभियंता से वसूली को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन