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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   government procurement of wheat in Hathras

Hathras News: आढ़तियों के यहां ज्यादा दाम...क्यों सरकार को गेहूं बेचें किसान

Tue, 06 May 2025 04:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 06 May 2025 04:47 PM IST
सार

मंडी में किसानों को भुगतान भी हाथों-हाथ मिल रहा है, जिससे वह अपनी जरूरतें पूरी कर पा रहे हैं, जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर खातों में भुगतान भेजने की व्यवस्था है।

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government procurement of wheat in Hathras
सिकंदराराऊ स्थित पीसीएफ केंद्र पर होत गेहूं की खरीद - फोटो : विभाग

विस्तार

सरकारी एजेंसियां बेशक गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने के लिए दम लगा रही हैं, फिर भी किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने नहीं पहुंच रहे हैं। इसकी वजह मंडी में आढ़तियों के यहां गेहूं का दाम समर्थन मूल्य से ज्यादा होना है। यही कारण है कि हाथरस जिले में 35500 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 5800 एमटी गेहूं की ही खरीद हो सकी है।

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जिले के किसान रबी के सीजन में प्रमुख रूप से गेहूं की फसल उगाते हैं। इस वर्ष जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की पैदावार हुई हे। इस समय किसान अपनी फसल बेचने में लगे हैं। जिले में 64 सरकारी क्रय केंद्रों पर भी गेहूं की खरीद की जा रही है। सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2450 रुपये निर्धारित किया है, जबकि सोमवार को मंडी में गेहूं का भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा।
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यही कारण है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। दूसरी वजह यह भी है कि मंडी में किसानों को भुगतान भी हाथों-हाथ मिल रहा है, जिससे वह अपनी जरूरतें पूरी कर पा रहे हैं, जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर खातों में भुगतान भेजने की व्यवस्था है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी शिशिर कुमार का कहना है कि गेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ाने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। मंडी में गेहूं बेचने आ रहे किसानों को भी सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि हर हाल में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाए।

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मंडी में गेहूं का भाव अधिक है, इसलिए हम अपना गेहूं मंडी में आढ़तियों को बेचना पसंद करते हैं। आढ़तियों से हमें नकद भुगतान भी मिल जाता है।- वीरेंद्र सिंह, गढ़ी जैनी।


गेहूं कीकिसानों के लिए प्रमुख फसल में से एक है। मंडी में भाव अच्छा रहता है। भुगतान भी नकद होता है, इसलिए हम मंडी में ही अपनी उपज बेचना पसंद करते हैं।- ज्वाला प्रसाद, झींगुरा।

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