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मनरेगा में श्रम-साम्रगी पर खर्च के अनुपात में शासन के आदेशों की उड़ी धज्जियां

Thu, 19 Sep 2019 11:54 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 11:54 PM IST
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Government orders in proportion to the expenditure on labor-content in MNREGA
मनरेगा के कामों में वित्तीय अनियमितताओं की बू
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श्रम और सामग्री के मानक की उड़ाई जा रहीं धज्जियां
सीडीओ ने सभी बीडीओ को नोटिस देकर मांगा स्पष्टीकरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले में शासन की ओर से मनरेगा के श्रम और सामग्री के निर्धारित मानक की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिले के प्रत्येक ब्लॉक में इन मानकों को यही हाल है। इस संबंध में सीडीओ ने सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। मुरसान और हाथरस ब्लॉक में मानव दिवस सृजन का भी लक्ष्य भी कोसों दूर हैं। इस मामले में भी सीडीओ ने एपीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
मनरेगा के तहत जिले में कराए जा रहे कामों में शासन स्तर से जारी दिशा निर्देशों और नियमों की अनदेखी की जा रही है। शासन स्तर से मनरेगा के तहत श्रम-सामग्री का अनुपात 60-40 का निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां श्रम पर कम और सामग्री पर ज्यादा खर्च किया जा रहा है। यहां तक कि कई ब्लॉकों में ग्राम पंचायतों में तो 40 के स्थान पर 80 फीसदी तक सामग्री पर खर्च कर दिया गया है।
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अब इस मामले में सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। ब्लॉक मुरसान में नौ ग्राम पंचायतों में इन मानकों की अनदेखी की गई है। इस आधार पर बीडीओ मुरसान को नोटिस जारी किया गया है और स्पष्टीकरण तलब किया गया है। सीडीओ आरबी भास्कर ने इस नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि स्पष्टीकरण नहीं देने की दशा में आरोप पत्र तैयार कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इन ग्राम पंचायतों में मानक की अनदेखी
बिचपुरी-मथू, अहवरनपुर, गजुआ, गुमानपुर, जैतपुर, कोरना, पटाखास, रायक, ताजपुर
काम देने में मुरसान व हाथरस ब्लॉक फिसड्डी
हाथरस। मनरेगा के तहत जिले के दो ब्लॉकों में जरूरतमंदों को काम भी मुहैया नहीं कराया जा रहा है। शासन स्तर से मानव दिवस सृजन किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां शासन के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस कारण ग्रामीणों को उनके ही गांव में रोजगार नहीं मिल पा रहा है। शासन स्तर से माह जुलाई में हाथरस ब्लॉक को 42,655 मानव दिवस सृजन किए जाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन माह सितंबर में 15 तारीख बीतने के बाद भी अभी तक 31,897 मानवों का सृजन किया गया है। इस बदतर स्थिति ब्लॉक मुरसान की है। यहां माह जुलाई तक का लक्ष्य 43,567 मानव सृजन का था, लेकिन अभी तक मात्र 30,710 लोगों को ही रोजगार मुहैया कराया गया है।

जिले में श्रम-सामग्री का अनुपात कुछ ग्राम पंचायतों में सही नहीं है, उसे सही करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। मानव दिवस सृजन में हाथरस और मुरसान ब्लॉक की स्थिति बेहद खराब है। 25 सितंबर तक सुधार नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी।
-आरबी भास्कर, सीडीओ
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