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Hathras News: निजी अस्पताल न ले जाने पर सरकारी एंबुलेंस के स्टाफ से मारपीट, जमकर हंगामा
Sat, 05 Sep 2026 01:58 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:58 AM IST
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जिला अस्पताल के बाहर एंबुलेंस स्टाफ से मारपीट के दौरान लगी भीड़। स्रोत : सोशल मीडिया
- फोटो : Social MEdia
हादसे में घायल किशोरी को निजी अस्पताल ले जाने से मना करने पर शुक्रवार को जिला अस्पताल के गेट पर सरकारी एंबुलेंस के स्टाफ को कुछ लोगों ने जमकर पीटा। बचाव के लिए चालक एंबुलेंस छोड़कर भाग गया। जान बचाकर मंदिर की छत पर चढ़े आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन (ईएमटी) को पुलिस के सामने पीटा गया।
कोतवाली हाथरस गेट के निरीक्षक आदित्य शंकर तिवारी पर भी ईएमटी से मारपीट करने और उसका सीयूजी नंबर वाला मोबाइल छीनने का आरोप है। ईएमटी की शिकायत पर लखनऊ से सीएमओ व एसपी को सूचना दी गई, जिसके बाद पहुंची पुलिस फोर्स ने हालात संभाले।
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे इगलास रोड नगला प्रताप चौराहा पर ई-रिक्शा सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक से बचने के प्रयास में पलट गया था। इस हादसे में जन्माष्टमी की खरीदारी के लिए निकली नगला बुधू निवासी खुशी (17) के सिर में गंभीर चोट आई। बेसुध हालत में पुलिस खुशी को जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंची। चिकित्सक ने उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। चिकित्सक के कहने पर एएलएस एंबुलेंस बुलाई गई। किशोरी को एंबुलेंस में दाखिल कराने के बाद परिजन आगरा के एक निजी अस्पताल चलने के लिए दबाव बनाने लगे।
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ईएमटी कुशेंद्र के अनुसार चालक मनोज ने कहा कि एंबुलेंस मरीज को सिर्फ सरकारी अस्पताल छोड़ सकती है। इस बात से नाराज परिजन मारपीट पर उतारू हो गए। तब तक किशोरी के रिश्तेदार और गांव के लोग भी पहुंच गए।
मंदिर की छत से उतार ले गए तीन युवक ईएमटी कुशेंद्र सिंह का आरोप है कि मरीज के परिजनों के साथ पुलिस ने भी चालक मनोज से अभद्रता व मारपीट की, जिसके बाद वह भाग गया। भीड़ ने कुशेंद्र को पकड़ लिया और मारपीट करने लगे। कुशेंद्र ने पास के मंदिर की छत पर शरण ली। कुशेंद्र का आरोप है कि उन्होंने लखनऊ हेल्पलाइन और वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बावजूद पुलिस की मौजूदगी में तीन युवक उन्हें छत से नीचे उतार लाए और फिर से पीटा। कुशेंद्र के अनुसार, उन्होंने फोन पर अपने अधिकारी से निरीक्षक आदित्य शंकर की बात करानी चाही लेकिन उन्होंने बात करने के बजाय फोन छीना और थप्पड़ जड़ दिया।
निजी एंबुलेंस से आगरा ले गए परिजन
इस हंगामे के बीच खुशी की गंभीर हालत देखते हुए परिजन उसे निजी एंबुलेंस से आगरा लेकर गए। खुशी अपनी बहन व परिवार के अन्य लोगों के साथ जन्माष्टमी पर खरीदारी कर घर लौट रही थी। देर शाम तक उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
दावा...जीपीएस व कॉल रिकॉर्ड में सबकुछ
घटनास्थल पर आक्रोशित लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस के समय से नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। इस पर कुशेंद्र ने बताया कि एएलएस पोस्टमार्टम हाउस में खड़ी थी और तीन मिनट में जिला अस्पताल पहुंच गई थी। जीपीएस व कॉल रिकॉर्ड से सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। घटना से एंबुलेंस कर्मियों में रोष है।
आगरा के अस्पताल ले जाने को लेकर ग्रामीणों व एंबुलेंस स्टाफ में विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव कराया। निरीक्षक या अन्य पुलिस कर्मियों की ओर से अभद्रता या मारपीट की बात सामने नहीं आई है। शिकायत के आधार पर जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु माथुर, सीओ सिटी
नियमानुसार सरकारी एंबुलेंस निजी चिकित्सालय नहीं जाती। यही बात स्टाफ ने परिजनों को बताई थी। इसके बावजूद स्टाफ से मारपीट व अभद्रता की गई। पुलिस की ओर से भी अभद्रता की बात सामने आई है। ऐसी घटना से चिकित्सकीय स्टाफ का मनोबल गिरता है। शिकायत के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वेदप्रकाश अग्रवाल, सीएमओ
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कोतवाली हाथरस गेट के निरीक्षक आदित्य शंकर तिवारी पर भी ईएमटी से मारपीट करने और उसका सीयूजी नंबर वाला मोबाइल छीनने का आरोप है। ईएमटी की शिकायत पर लखनऊ से सीएमओ व एसपी को सूचना दी गई, जिसके बाद पहुंची पुलिस फोर्स ने हालात संभाले।
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शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे इगलास रोड नगला प्रताप चौराहा पर ई-रिक्शा सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक से बचने के प्रयास में पलट गया था। इस हादसे में जन्माष्टमी की खरीदारी के लिए निकली नगला बुधू निवासी खुशी (17) के सिर में गंभीर चोट आई। बेसुध हालत में पुलिस खुशी को जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंची। चिकित्सक ने उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। चिकित्सक के कहने पर एएलएस एंबुलेंस बुलाई गई। किशोरी को एंबुलेंस में दाखिल कराने के बाद परिजन आगरा के एक निजी अस्पताल चलने के लिए दबाव बनाने लगे।
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ईएमटी कुशेंद्र के अनुसार चालक मनोज ने कहा कि एंबुलेंस मरीज को सिर्फ सरकारी अस्पताल छोड़ सकती है। इस बात से नाराज परिजन मारपीट पर उतारू हो गए। तब तक किशोरी के रिश्तेदार और गांव के लोग भी पहुंच गए।
मंदिर की छत से उतार ले गए तीन युवक ईएमटी कुशेंद्र सिंह का आरोप है कि मरीज के परिजनों के साथ पुलिस ने भी चालक मनोज से अभद्रता व मारपीट की, जिसके बाद वह भाग गया। भीड़ ने कुशेंद्र को पकड़ लिया और मारपीट करने लगे। कुशेंद्र ने पास के मंदिर की छत पर शरण ली। कुशेंद्र का आरोप है कि उन्होंने लखनऊ हेल्पलाइन और वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बावजूद पुलिस की मौजूदगी में तीन युवक उन्हें छत से नीचे उतार लाए और फिर से पीटा। कुशेंद्र के अनुसार, उन्होंने फोन पर अपने अधिकारी से निरीक्षक आदित्य शंकर की बात करानी चाही लेकिन उन्होंने बात करने के बजाय फोन छीना और थप्पड़ जड़ दिया।
निजी एंबुलेंस से आगरा ले गए परिजन
इस हंगामे के बीच खुशी की गंभीर हालत देखते हुए परिजन उसे निजी एंबुलेंस से आगरा लेकर गए। खुशी अपनी बहन व परिवार के अन्य लोगों के साथ जन्माष्टमी पर खरीदारी कर घर लौट रही थी। देर शाम तक उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
दावा...जीपीएस व कॉल रिकॉर्ड में सबकुछ
घटनास्थल पर आक्रोशित लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस के समय से नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। इस पर कुशेंद्र ने बताया कि एएलएस पोस्टमार्टम हाउस में खड़ी थी और तीन मिनट में जिला अस्पताल पहुंच गई थी। जीपीएस व कॉल रिकॉर्ड से सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। घटना से एंबुलेंस कर्मियों में रोष है।
आगरा के अस्पताल ले जाने को लेकर ग्रामीणों व एंबुलेंस स्टाफ में विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव कराया। निरीक्षक या अन्य पुलिस कर्मियों की ओर से अभद्रता या मारपीट की बात सामने नहीं आई है। शिकायत के आधार पर जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु माथुर, सीओ सिटी
नियमानुसार सरकारी एंबुलेंस निजी चिकित्सालय नहीं जाती। यही बात स्टाफ ने परिजनों को बताई थी। इसके बावजूद स्टाफ से मारपीट व अभद्रता की गई। पुलिस की ओर से भी अभद्रता की बात सामने आई है। ऐसी घटना से चिकित्सकीय स्टाफ का मनोबल गिरता है। शिकायत के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वेदप्रकाश अग्रवाल, सीएमओ