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अमेरिका में कुश्ती में जीता गोल्ड मेडल
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:08 AM IST
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अमेरिका में कुश्ती में मेडल जीतने वाला सुमित एक अमेरिक के साथ।
- फोटो : Amar Ujala
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जिले की प्रतिभाएं देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी हाथरस का नाम रोशन कर रही हैं। गांव अजरोई (सासनी) निवासी और भारतीय सेना के जांबाज सिपाही सुमित कुमार ने अमेरिका के फ्लोरिडा शहर में हुए 11 वें वर्ल्ड मार्शल गेम्स के तहत फ्री स्टाइल कुश्ती के 65 किलोभार वर्ग में गोल्ड जीता है। वर्ल्ड मार्शल गेम्स में उत्तर प्रदेश से पदक जीतने वाले वह अकेले खिलाड़ी हैं।
यह प्रतियोगिता वर्ल्ड मार्शल आर्ट कमेटी की ओर से सात से दस सितंबर तक आयोजित की गई थी। इसमें देशभर से 14 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें दो गोल्ड और चार कांस्य पदक भारत की झोली में आए हैं। अब जल्द ही सुमित इग्लैंड के मेलबर्न में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अजरोई निवासी राजेश कुमार सिंह के होनहार बेटे सुमित ने कुश्ती प्रतियोगिता में नेशनल गेम्स में हिस्सा लेकर 16 साल की उम्र में ही खेल कोटे से सेना में नौकरी पा ली थी और अब वह तीन रेजीमेंट फतेहगढ़ में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं। सेना में रहते हुए सुमित ने एशियन गेम्स में 54 किलोग्राम भार वर्ग में फ्री स्टाइल कुश्ती में गोल्ड मेडल हासिल किया।
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पिछले महीने दिल्ली में हुए मुकाबले मेें नेशनल मार्शल आर्ट कमेटी की ओर से भारतीय टीम में सुमित का चयन किया गया था। यही टीम पांच सितंबर को दिल्ली से अमेरिका के लिए रवाना हुई थी। सुमित ने बताया कि अब उनकी इच्छा 2020 में जापान के टोक्यो में होने वाले ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेने की है। वह ओलंपिक में भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए प्रयास करेंगे।
उनके बाबा मॉनीमल उर्फ नेम सिंह पहलवान अपने जमाने के बहुत बड़े रेसलर थे। बाबा के सपनों को साकार करने के लिए सुमित लगातार बुलंद हौसलों के साथ अपनी मंजिल को पाने के लिए लगातार आगे बढ़ रहे हैं। सुमित की इस सफलता पर उनके गांव अजरोई और पूरे हाथरस जिले में खुशी की लहर है। सोमवार को उनके घर पर बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा रहा।
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यह प्रतियोगिता वर्ल्ड मार्शल आर्ट कमेटी की ओर से सात से दस सितंबर तक आयोजित की गई थी। इसमें देशभर से 14 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें दो गोल्ड और चार कांस्य पदक भारत की झोली में आए हैं। अब जल्द ही सुमित इग्लैंड के मेलबर्न में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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अजरोई निवासी राजेश कुमार सिंह के होनहार बेटे सुमित ने कुश्ती प्रतियोगिता में नेशनल गेम्स में हिस्सा लेकर 16 साल की उम्र में ही खेल कोटे से सेना में नौकरी पा ली थी और अब वह तीन रेजीमेंट फतेहगढ़ में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं। सेना में रहते हुए सुमित ने एशियन गेम्स में 54 किलोग्राम भार वर्ग में फ्री स्टाइल कुश्ती में गोल्ड मेडल हासिल किया।
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पिछले महीने दिल्ली में हुए मुकाबले मेें नेशनल मार्शल आर्ट कमेटी की ओर से भारतीय टीम में सुमित का चयन किया गया था। यही टीम पांच सितंबर को दिल्ली से अमेरिका के लिए रवाना हुई थी। सुमित ने बताया कि अब उनकी इच्छा 2020 में जापान के टोक्यो में होने वाले ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेने की है। वह ओलंपिक में भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए प्रयास करेंगे।
उनके बाबा मॉनीमल उर्फ नेम सिंह पहलवान अपने जमाने के बहुत बड़े रेसलर थे। बाबा के सपनों को साकार करने के लिए सुमित लगातार बुलंद हौसलों के साथ अपनी मंजिल को पाने के लिए लगातार आगे बढ़ रहे हैं। सुमित की इस सफलता पर उनके गांव अजरोई और पूरे हाथरस जिले में खुशी की लहर है। सोमवार को उनके घर पर बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा रहा।