अफसोस: कीचड़ से होकर निकली शवयात्रा, सब डरते रहे कहीं फिसल न जाएं कोई, बड़ा मुश्किल से पहुंचे श्मशान
स्थानीय लोग इस समस्या के विरोध में कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों ने भी कई बार निरीक्षण किया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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हाथरस के नगला कुंवरजी जाने वाले रास्ते पर कीचड़ और जलभराव से लोग खासे परेशान हैं। 24 जुलाई को स्थानीय लोगों को एक बुजुर्ग की शवयात्रा लेकर कीचड़ से होकर निकलना पड़ा। इस दौरान उन्हें यह डर सताता रहा कि कहीं कीचड़ में फिसल न जाएं।
नगला कुंवरजी व नगला कुंवरजी की मढ़ैया को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हुए चार साल हाे गए हैं, लेकिन यहां के सूरत-ए-हाल बिल्कुल नहीं बदले हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि मजबूरी में लोग एक-एक फीट गहरे गड्ढों और कीचड़ से होकर निकलते हैं। बारिश के दौरान तो हाल और भी बुरा हो जाता है। आए-दिन लोग फिसलकर गिरते रहते हैं।
स्थानीय लोग इस समस्या के विरोध में कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों ने भी कई बार निरीक्षण किया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रोहित सिंह का कहना है कि जल्द ही टीम भेजकर मौके की स्थिति का अवलोकन कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के चार साल बाद भी जलभराव और कीचड़ की समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। अगर गांव में किसी की मौत हो जाती है तो शवयात्रा को लेकर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।-कालूराम निवासी नगला कुंवरजी
पत्थर वाली श्मशान के अलावा कई गांवों को जाने वाले इस रास्ते की हालत बहुत दयनीय है। श्मशान में आने वाले लोगों को कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। कई बार तो डर लगता है कि अर्थी थामने वाले फिसल न जाएं।-गोपाल निवासी नगला कुंवरजी
इस रास्ते से होकर निकलने में साइकिल और मोटर साइकिल से निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है। कीचड़ व जलभराव के चलते गड्ढों से कार का निकलना बहुत मुश्किल है। शिकायत के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला।-पप्पू निवासी नगला कुंवरजी
इस रास्ते से कई गांवों के लोग आगरा-अलीगढ़ बाईपास तक भी जाते हैं। उनको जलभराव के कारण बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। आज तक समस्या के समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिले हैं।-कालीचरन निवासी नगला कुंवरजी