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बिना सहमति चल रहीं चार फर्नेश फैक्ट्रियों को नोटिस
अमर उजाला, हाथरस
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:31 PM IST
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केमिकल फैक्टरी में ब्लॉस्ट
- फोटो : ANI
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कोल्ड स्टोर्स के बाद अब अलीगढ़ रोड पर चल रहीं फाउंड्री प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निशाने पर हैं। प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों ने चार ऐसी फाउंड्री यूनिट चिह्नित की हैं, जिनकी वजह से इलाके की आव-ओ-हवा दूषित हो रही है। बोर्ड ने अब इन चारों फाउंड्री फैक्ट्री मालिकों को नोटिस जारी किया है और उनसे 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है।
जवाब संतोषजनक नहीं होने पर इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक इन फैक्ट्री संचालकों ने अभी तक नियमानुसार अपनी यूनिट के संचालन के लिए विभागीय सहमति भी प्राप्त नहीं की है, जिससे इनका संचालन विभागीय नियमों के हिसाब से गलत है। अब सवाल यह है कि बोर्ड की बिना सहमति के अब तक यह फैक्ट्रियां संचालित कैसे हैं।
बोर्ड के नए अफसरों का पूरा जोर इन-दिनों बिना सहमति के चल रहीं फैक्ट्रियों पर शिकंजा कसने पर है। अलीगढ़ रोड पर कुछ फर्नेश फैक्ट्रियों में लोहा गलाने का काम किया जाता है। बोर्ड के अवर अभियंता उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इन फैक्ट्रियों में प्रदूषण से बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
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पिछले दिनों जब अधिकारियों ने इन फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया तो वहां वायु प्रदूषण रोकने का कोई इंतजाम नजर नहीं आया। मौके पर फैक्ट्री मालिकों को प्रदूषण की रोकथाम के लिए अपनी यूनिट के अंदर पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
मजबूरन चार फैक्ट्री मालिकों को इस बारे में नोटिस दिया गया है। जेई ने बताया कि अगर इनका जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो मुख्यालय स्तर से इनकी फैक्ट्रियों को बंद कराने के लिए भी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
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जवाब संतोषजनक नहीं होने पर इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक इन फैक्ट्री संचालकों ने अभी तक नियमानुसार अपनी यूनिट के संचालन के लिए विभागीय सहमति भी प्राप्त नहीं की है, जिससे इनका संचालन विभागीय नियमों के हिसाब से गलत है। अब सवाल यह है कि बोर्ड की बिना सहमति के अब तक यह फैक्ट्रियां संचालित कैसे हैं।
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बोर्ड के नए अफसरों का पूरा जोर इन-दिनों बिना सहमति के चल रहीं फैक्ट्रियों पर शिकंजा कसने पर है। अलीगढ़ रोड पर कुछ फर्नेश फैक्ट्रियों में लोहा गलाने का काम किया जाता है। बोर्ड के अवर अभियंता उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इन फैक्ट्रियों में प्रदूषण से बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
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पिछले दिनों जब अधिकारियों ने इन फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया तो वहां वायु प्रदूषण रोकने का कोई इंतजाम नजर नहीं आया। मौके पर फैक्ट्री मालिकों को प्रदूषण की रोकथाम के लिए अपनी यूनिट के अंदर पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
मजबूरन चार फैक्ट्री मालिकों को इस बारे में नोटिस दिया गया है। जेई ने बताया कि अगर इनका जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो मुख्यालय स्तर से इनकी फैक्ट्रियों को बंद कराने के लिए भी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।