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Hathras News: पूर्व प्रधान का सीडीओ पर आरोप...रिश्वत न देने पर भाजपा जिलाध्यक्ष पत्नी के प्रभाव की दी धमकी, भिजवाया जेल
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Archive
हसायन ब्लॉक की ग्राम पंचायत हैथा रघुनाथपुर के पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएन दीक्षित पर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत नहीं देने पर सीडीओ ने अपनी पत्नी के भाजपा जिलाध्यक्ष होने और मुख्यमंत्री तक पहुंच होने का हवाला देकर उन्हें धमकाया तथा बाद में फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया। पूर्व प्रधान ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अशोक का आरोप है कि ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की शिकायत के बाद उन्हें सीडीओ कार्यालय बुलाया गया था। वहां उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। उनका आरोप है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इन्कार किया तो सीडीओ ने कहा कि उनकी पत्नी उर्विजा दीक्षित जालौन की भाजपा जिलाध्यक्ष हैं। उनकी मुख्यमंत्री तक पहुंच है इसलिए उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। पूर्व प्रधान के अनुसार ग्राम पंचायत का कंप्यूटर खराब होने पर उन्होंने 24 नवंबर 2025 को एडीओ पंचायत को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी। विभागीय स्तर पर मरम्मत की व्यवस्था नहीं होने पर कंप्यूटर को दिल्ली में ठीक कराने भेजा गया।
उनका आरोप है कि इसके बावजूद कंप्यूटर प्रकरण को आधार बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और बाद में हसायन थाने में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीपीआरओ, बीडीओ तथा अन्य अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र और दस्तावेज देकर कंप्यूटर दिल्ली में सही होने पड़े होने की जानकारी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि 24 जून 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में छह सप्ताह में जांच पूरी किए जाने के उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक निर्णय नहीं लिया गया है। निवर्तमान प्रधान ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और शासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री की ओर से लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। कंप्यूटर चोरी के मामले में यह जेल जा चुके हैं। इनके अधिकार भी सीज किए जा चुके हैं। इनकी ओर से बीते चार सालों में अपनी ग्राम पंचायत में कोई विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। जेल से बाहर आने के बाद प्रसिद्धि पाने के लिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
पीएन दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी, हाथरस
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अशोक का आरोप है कि ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की शिकायत के बाद उन्हें सीडीओ कार्यालय बुलाया गया था। वहां उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। उनका आरोप है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इन्कार किया तो सीडीओ ने कहा कि उनकी पत्नी उर्विजा दीक्षित जालौन की भाजपा जिलाध्यक्ष हैं। उनकी मुख्यमंत्री तक पहुंच है इसलिए उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। पूर्व प्रधान के अनुसार ग्राम पंचायत का कंप्यूटर खराब होने पर उन्होंने 24 नवंबर 2025 को एडीओ पंचायत को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी। विभागीय स्तर पर मरम्मत की व्यवस्था नहीं होने पर कंप्यूटर को दिल्ली में ठीक कराने भेजा गया।
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उनका आरोप है कि इसके बावजूद कंप्यूटर प्रकरण को आधार बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और बाद में हसायन थाने में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीपीआरओ, बीडीओ तथा अन्य अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र और दस्तावेज देकर कंप्यूटर दिल्ली में सही होने पड़े होने की जानकारी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि 24 जून 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में छह सप्ताह में जांच पूरी किए जाने के उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक निर्णय नहीं लिया गया है। निवर्तमान प्रधान ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और शासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री की ओर से लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। कंप्यूटर चोरी के मामले में यह जेल जा चुके हैं। इनके अधिकार भी सीज किए जा चुके हैं। इनकी ओर से बीते चार सालों में अपनी ग्राम पंचायत में कोई विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। जेल से बाहर आने के बाद प्रसिद्धि पाने के लिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
पीएन दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी, हाथरस