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कई दिन तक सीएचसी में मरीजों ने पीया बदबूदार पानी
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Mon, 22 May 2017 12:00 AM IST
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चंदपा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हद दर्जे की लापरवाही बरती गई। कर्मी और मरीज, जो पानी इस्तेमाल कर रहे थे, उस पानी में गिरकर कई दिन पहले एक बंदर गिरकर मर गया। पानी से बदबू आने पर जब इसकी जानकारी स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को हुई तो आनन-फानन टंकी को साफ कराया गया।
चंदपा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ऊपर कई टंकियां रखी हुई हैं, इनमें से कई के ढक्कन खुले हुए या ढीले लगे हुए हैं। ऐसे में बंदर इन टंकियों को चाहे जब खोल लेते हैं। इसी अनदेखी की वजह से कई दिन पहले इस टंकी में एक बंदर गिरकर मर गया, लेकिन मालूम तब चला जब बंदर पानी में पूरी तरह से घुल मिल गया और पानी से बदबू आने लगी।
बदबू आने पर आनन फानन पर टंकी को साफ कराया गया, जिसमें बंदर के अवशेष मिले। टंकी को पूरी तरह से साफ तो करा दिया गया, लेकिन इस बीच मरीजों व उनके तीमारदारों ने इस पानी को इस्तेमाल किया, उसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि टंकी में बंदर के गिरकर मरने की जानकारी हुई थी, जिसके बाद टंकी को साफ करा दिया गया है।
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हालांकि इस टंकी का इस्तेमाल पेयजल के रूप में नहीं किया जाता था। उन्होंने सभी टंकी को प्रोपर तरीके से बंद करने के निर्देश प्रभारी को दिए गए हैं। मरीजों के पानी पीने के लिए अस्पताल में अलग से आरओ लगा हुआ है।
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चंदपा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ऊपर कई टंकियां रखी हुई हैं, इनमें से कई के ढक्कन खुले हुए या ढीले लगे हुए हैं। ऐसे में बंदर इन टंकियों को चाहे जब खोल लेते हैं। इसी अनदेखी की वजह से कई दिन पहले इस टंकी में एक बंदर गिरकर मर गया, लेकिन मालूम तब चला जब बंदर पानी में पूरी तरह से घुल मिल गया और पानी से बदबू आने लगी।
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बदबू आने पर आनन फानन पर टंकी को साफ कराया गया, जिसमें बंदर के अवशेष मिले। टंकी को पूरी तरह से साफ तो करा दिया गया, लेकिन इस बीच मरीजों व उनके तीमारदारों ने इस पानी को इस्तेमाल किया, उसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि टंकी में बंदर के गिरकर मरने की जानकारी हुई थी, जिसके बाद टंकी को साफ करा दिया गया है।
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हालांकि इस टंकी का इस्तेमाल पेयजल के रूप में नहीं किया जाता था। उन्होंने सभी टंकी को प्रोपर तरीके से बंद करने के निर्देश प्रभारी को दिए गए हैं। मरीजों के पानी पीने के लिए अस्पताल में अलग से आरओ लगा हुआ है।