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कोहरे और गलन की मार से ठिठुरा जनजीवन
अमर उजाला, हाथरस
Updated Wed, 07 Dec 2016 11:39 PM IST
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ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों से अपने आप को ढंककर जातीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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कोहरे और गलन से जनजीवन बुधवार को भी ठिठुरता रहा। मंगलवार को शाम ढलते ही छाई कोहरे की धुंध ने बुधवार को शाम ढलने तक पूरे वातावरण को ढककर रखकर। सर्द हवाओं की मार भी दिन भर सताती रही। शीतलहर के चलते लोगों की दिनचर्या भी चरमराकर रह गई है।
सुबह देरी से दिनचर्या शुरू होती है और रात को जल्दी खत्म हो जाती है। सर्दी का असर सड़कों पर आवाजाही पर भी दिख रहा है। कोहरे की धुंध में सड़कों पर ट्रैफिक भी रेंग रहा है। राहगीरों की आवाजाही भी बेहद कम रह गई है। लोग सिर्फ जरूरी कामों से ही घरों से निकल रहे हैं, वरना पूरा दिन घर, दफ्तर और दुकान-प्रतिष्ठानों पर ही बैठकर बीत रहा है। सर्दी से ठिठुरते लोगों को अब सिर्फ आग और अलाव का ही सहारा रह गया है।
हर कोई सिर से लेकर पांव तक गर्म और ऊनी कपड़ों से ढका नजर आ रहा है। सर्दी का सितम सबसे ज्यादा खुले में रात बिताने वाले लोगों पर टूट रहा है। उनको राहत देने के लिए न तो अभी अलावों का इंतजाम किया गया है और न हीं उन्हें कंबल या रजाइयां बंटवाई जा रही हैं। यहां तक कि सामाजिक संस्थाओं ने भी अभी तक इन गरीब और बेसहाराओं के लिए कोई पहल नहीं की है।
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शीतलहर को देखते हुए एडीएम अली हसन कर्नी ने तहसील और नगर पालिका और पंचायतों के अधिकारियों के साथ बैठक की। एडीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह दैवी आपदा मद से जल्द से जल्द अपने इलाकों की सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलवाने का इंतजाम कराएं।
जरूरतमंदों को कंबल वितरण कराने का इंतजाम कराएं। एडीएम ने बताया कि कंबलों की खरीद करवाई जा रही हे। जल्द ही सभी तहसीलों को कंबल मुहैया करा दिए जाएंगे। फिलहाल सभी तहसीलों में कंबलों की जरूरत के लिए सूची तैयार कराई जा रही है। सभी सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी गरीब और बेसहाराओं को सर्दी से राहत देने में मदद की गुजारिश की गई है।
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सुबह देरी से दिनचर्या शुरू होती है और रात को जल्दी खत्म हो जाती है। सर्दी का असर सड़कों पर आवाजाही पर भी दिख रहा है। कोहरे की धुंध में सड़कों पर ट्रैफिक भी रेंग रहा है। राहगीरों की आवाजाही भी बेहद कम रह गई है। लोग सिर्फ जरूरी कामों से ही घरों से निकल रहे हैं, वरना पूरा दिन घर, दफ्तर और दुकान-प्रतिष्ठानों पर ही बैठकर बीत रहा है। सर्दी से ठिठुरते लोगों को अब सिर्फ आग और अलाव का ही सहारा रह गया है।
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हर कोई सिर से लेकर पांव तक गर्म और ऊनी कपड़ों से ढका नजर आ रहा है। सर्दी का सितम सबसे ज्यादा खुले में रात बिताने वाले लोगों पर टूट रहा है। उनको राहत देने के लिए न तो अभी अलावों का इंतजाम किया गया है और न हीं उन्हें कंबल या रजाइयां बंटवाई जा रही हैं। यहां तक कि सामाजिक संस्थाओं ने भी अभी तक इन गरीब और बेसहाराओं के लिए कोई पहल नहीं की है।
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शीतलहर को देखते हुए एडीएम अली हसन कर्नी ने तहसील और नगर पालिका और पंचायतों के अधिकारियों के साथ बैठक की। एडीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह दैवी आपदा मद से जल्द से जल्द अपने इलाकों की सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलवाने का इंतजाम कराएं।
जरूरतमंदों को कंबल वितरण कराने का इंतजाम कराएं। एडीएम ने बताया कि कंबलों की खरीद करवाई जा रही हे। जल्द ही सभी तहसीलों को कंबल मुहैया करा दिए जाएंगे। फिलहाल सभी तहसीलों में कंबलों की जरूरत के लिए सूची तैयार कराई जा रही है। सभी सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी गरीब और बेसहाराओं को सर्दी से राहत देने में मदद की गुजारिश की गई है।