Hathras: हत्या के प्रयास में चार आरोपी दोषी सिद्ध, पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास
मुकेश दूध लेकर कंजौली से मोटरसाइकिल पर अपने गांव वापस आ रहा था। जैसे ही वह गांव के नजदीक आया तो वहां पर पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही नामजदों ने उसे पकड़ लिया और गाली-गलौज करने लगे। मुकेश ने गाली देने से मना किया तो इन लोगों ने उनके भाई को मोटरसाइकिल से गिराकर लात-घूंसों से पीट दिया।
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन हर्ष अग्रवाल के न्यायालय ने हत्या के प्रयास के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना सादाबाद में गांव नाला नगरिया भाग कंजौली निवासी सीताराम ने तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि 6 अप्रैल 2015 को रात 8:30 बजे उनका भाई मुकेश दूध लेकर कंजौली से मोटरसाइकिल पर अपने गांव वापस आ रहा था। जैसे ही वह गांव के नजदीक आया तो वहां पर पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही नामजदों ने उनके भाई को पकड़ लिया और गाली-गलौज करने लगे। उनके भाई ने गाली देने से मना किया तो इन लोगों ने उनके भाई को मोटरसाइकिल से गिराकर लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया।
इतने में ही विजेंद्र सिंह ने तमंचा निकालकर उनके भाई को गोली मार दी। पीठ में गोली लगते ही वह नीचे गिर पड़ा। मौके पर लोगों को आता देख हमलावर यह कहते हुए भाग गए कि इस बार बच भी गया तो अबकी बार नहीं छोड़ेंगे। वह अपने भाई को पुलिस चौकी लेकर पहुंचे। वहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादाबाद भेज दिया गया। गंभीर हालत होने के कारण उनके भाई को सरकारी अस्पताल से आगरा रेफर कर दिया गया। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन हर्ष अग्रवाल के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी विजेंद्र, जगदीश, राजू व रामवीर निवासीगण नाला नगरिया भाग कंजौली थाना सादाबाद जिला हाथरस को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
गवाहों के बयान व मेडिकल रिपोर्ट ने दिलाई सजा
न्यायालय में इस मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा नौ गवाह प्रस्तुत किए गए। इस प्रकरण में गवाहों के बयान व मेडिकल रिपोर्ट ने अभियुक्तों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में सफल रहा।