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Hathras News: पांच औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे, एयरक्राफ्ट पार्ट्स बनाने वाली कंपनियां करेंगी निवेश
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जिले में पांच नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इनमें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यूपी-2026 के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद जताई जा रही है। 214 निवेशकों ने जिले में निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने में रुचि दिखाई है।
अब इन निवेशकों के लिए नये औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जमीन की उपलब्धता देखी जा रही है। इनमें ऐसी कंपनियां भी हैं, जो एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाती हैं। दिल्ली-एनसीआर और यमुना एक्सप्रेसवे से अच्छी कनेक्टिविटी भी अलीगढ़ को निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प बनाती है। अलीगढ़ एयरपोर्ट और जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की निकटता भी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
निवेशकों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने पांच नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई है। इन क्षेत्रों के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उद्योग विभाग सर्वे कर रहा है। इसके अलावा औद्योगिक विकास के लिए एक लैंड बैंक बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत अकराबाद और खैर जैसी तहसीलों में जीटी रोड से सटी सरकारी जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है।
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यमुना एक्सप्रेसवे की तर्ज पर औद्योगिक क्लस्टर
निवेशकों को आसानी से जमीन उपलब्ध कराने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अलीगढ़-आगरा हाईवे पर यमुना एक्सप्रेसवे की तर्ज पर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी योजना है। ये क्लस्टर निवेशकों को भूमि उपलब्ध कराने में मदद करेंगे और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।
-बयान--
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए निवेशकों ने रुझान दिखाया है। नये औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। सभी पहलुओं, जैसे रोड कनेक्टिविटी, संचार, लॉजिस्टिक आदि को देखते हुए इन औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा।
-वीरेंद्र कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र।
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अब इन निवेशकों के लिए नये औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जमीन की उपलब्धता देखी जा रही है। इनमें ऐसी कंपनियां भी हैं, जो एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाती हैं। दिल्ली-एनसीआर और यमुना एक्सप्रेसवे से अच्छी कनेक्टिविटी भी अलीगढ़ को निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प बनाती है। अलीगढ़ एयरपोर्ट और जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की निकटता भी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
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निवेशकों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने पांच नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई है। इन क्षेत्रों के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उद्योग विभाग सर्वे कर रहा है। इसके अलावा औद्योगिक विकास के लिए एक लैंड बैंक बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत अकराबाद और खैर जैसी तहसीलों में जीटी रोड से सटी सरकारी जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है।
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यमुना एक्सप्रेसवे की तर्ज पर औद्योगिक क्लस्टर
निवेशकों को आसानी से जमीन उपलब्ध कराने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अलीगढ़-आगरा हाईवे पर यमुना एक्सप्रेसवे की तर्ज पर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी योजना है। ये क्लस्टर निवेशकों को भूमि उपलब्ध कराने में मदद करेंगे और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।
-बयान
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए निवेशकों ने रुझान दिखाया है। नये औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। सभी पहलुओं, जैसे रोड कनेक्टिविटी, संचार, लॉजिस्टिक आदि को देखते हुए इन औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा।
-वीरेंद्र कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र।