पहले छोटे, तीसरे दिन बड़े भाई ने दी जान: पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप, उपनिरीक्षक निलंबित, एसओ लाइन हाजिर
परिजनों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस अधीक्षक ने विवेचनाधिकारी रहे उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है, जबकि सादाबाद के थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है।
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आगरा के थाना बरहन क्षेत्र के गांव रुपधनू में 43 वर्षीय संजय के फंदे पर झूलकर जान देने महज 72 घंटे के अंदर ही उसके भाई प्रमोद ने भी उसी पेड़ पर फंदे पर झूलकर जान दे दी है। संजय के परिजनों ने पुलिस पर उसके उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में विवेचनाधिकारी रहे उपनिरीक्षक हरिओम अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है, जबकि सादाबाद के थाना प्रभारी मुकेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है।
एसपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि मामले में बयान दर्ज कराने के लिए प्रमोद को बुलाया गया था। उसने तबीयत सही न होने की बात कही थी। कुछ देर बाद ही यह जानकारी मिली कि उसने भी फंदे पर लटककर जान दे दी है। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रमोद के भाई संजय की मौत के बाद परिजनों ने कोतवाली सादाबाद पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
परिजनों का कहना था कि सादाबाद पुलिस ने संजय को एक किशोर को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में उठाया था। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने प्रमोद व संजय के पुत्र को भी पूछताछ के लिए उठाया था। मामले की जांच ठीक तरीके से शुरू भी नहीं हो पाई कि प्रमोद की मौत ने पुलिस की मुश्किल बढ़ा दी है।
दरअसल, सादाबाद क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने कोतवाली में 25 मई को तहरीर दी थी। तहरीर में लक्ष्मण एवं उसकी बहन प्रीती पत्नी दिनेश सिंह निवासी सादाबाद पर अपनी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। इस सिलसिले में आगरा जनपद के थाना बरहन क्षेत्र के गांव रूपधनू निवासी संजय व संजय के भाई प्रमोद व संजय के पुत्र को पुलिस ने हिरासत में लिया था। मृतक संजय नामजद आरोपी लक्ष्मण का रिश्ते में जीजा लगता था। उसे सादाबाद पुलिस ने 10 जून को पूछताछ के लिए उठाया। 11 जून को संजय का शांति व्यवस्था भंग में चालान कर दिया गया। एसडीएम सादाबाद के न्यायालय ने संजय को जमानत पर छोड़ दिया । 22 जून की सुबह उसका शव गांव के पास ही पेड़ पर लटका मिला।
प्रमोद ने भी कही थी जान देने की बात
प्रमोद के भाई संजय के फंदे पर झूलकर जान देने के बाद पहुंचे एएसपी अशोक कुमार व सीओ रामप्रवेश राय के समक्ष प्रमोद ने खुलकर कहा था कि पुलिस ने उनका इतना उत्पीड़न किया था कि वह तो खुद भी संजय के साथ लटककर जान देने जा रहा था, लेकिन जा नहीं पाया। पुलिस ने उस समय प्रमोद की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। प्रमोद की मौत के बाद उसकी कही गई बातों का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।