{"_id":"6a1df1cdd2d2c2cb8b0931f2","slug":"first-the-honorarium-and-respect-only-then-will-we-work-hathras-news-c-56-1-hts1004-149347-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: पहले मानदेय और सम्मान, तभी करेंगे काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: पहले मानदेय और सम्मान, तभी करेंगे काम
Tue, 02 Jun 2026 02:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:25 AM IST
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान मौजूद आशा कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : Archive
जिले में आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। पिछले तीन महीनों से मानदेय न मिलने और विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय में एकत्रित हुईं। नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा। चेतावनी दी कि पहले तीन महीने का मानदेय और कार्य क्षेत्र में सम्मान की गारंटी मिले, तभी वह कार्य करेंगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का बजट अटकने के कारण मार्च 2026 से आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय रुका हुआ है। हालांकि जिले को बजट प्राप्त हो चुका है, लेकिन अभी तक मानदेय खाते में नहीं आया है। आशाओं का कहना है कि तीन महीनों से एक भी पैसा न मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वे तंगी से जूझ रही हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि भीषण गर्मी और बारिश जैसे हर मौसम में लगातार काम करने के बावजूद उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि 31 मई तक उनका मानदेय नहीं मिला तो वे एक जून से कार्य नहीं करेंगी। इसमें बच्चों का नियमित टीकाकरण व स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य सभी महत्वपूर्ण जमीनी कार्य शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का बजट अटकने के कारण मार्च 2026 से आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय रुका हुआ है। हालांकि जिले को बजट प्राप्त हो चुका है, लेकिन अभी तक मानदेय खाते में नहीं आया है। आशाओं का कहना है कि तीन महीनों से एक भी पैसा न मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वे तंगी से जूझ रही हैं।
विज्ञापन
कार्यकर्ताओं का कहना है कि भीषण गर्मी और बारिश जैसे हर मौसम में लगातार काम करने के बावजूद उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि 31 मई तक उनका मानदेय नहीं मिला तो वे एक जून से कार्य नहीं करेंगी। इसमें बच्चों का नियमित टीकाकरण व स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य सभी महत्वपूर्ण जमीनी कार्य शामिल हैं।
विज्ञापन