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Hathras News: बंद नलकूप का बिल जारी करने पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड

Tue, 10 Oct 2023 11:54 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Oct 2023 11:54 PM IST
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Fine of Rs 5 lakh for issuing bill for closed tube well
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर चोरी हो जाने, नया ट्रांसफार्मर न रखे जाने के बावजूद भेजे गए बिजली के बिल को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने इस प्रकरण में लापरवाही करने वाले बिजली विभाग के अधिकारियों पर पांच लाख रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की धनराशि एक माह की अवधि में आयोग में जमा करने के आदेश पारित किए गए हैं। पीड़ित को मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए दस हजार रुपये, वाद व्यय के रूप में 5000 रुपये भी एक माह के अंदर अदा करने के आदेश दिए हैं।
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जनपद की तहसील सिकंदराराऊ के गांव पोरा निवासी महेश सिंह पुत्र सिंह कलियानदास ने आयोग के समक्ष परिवाद दर्ज कराया था। परिवाद में कहा था कि उसका एक नलकूप संयोजन गांव पोरा में है। जिसका बिल वह भरता रहा है। 12 अगस्त 2016 की रात्रि नलकूप संयोजन पर लगा ट्रांसफार्मर बदमाशों द्वारा जमीन पर गिरा दिया गया। उसका तेल भी बदमाश निकाल ले गए। परिजनों ने सूचना अवर अभियंता राहुल चौहान को दी। उनके द्वारा घटना की सिकंदराराऊ कोतवाली में तहरीर दी गई, जिसे पुलिस ने अंकित नहीं किया।
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बाद में अवर अभियंता से पुनः शिकायत करने और जांच के बाद 12 जून 2020 को पुनः तहरीर दिए जाने पर पुलिस द्वारा मामला अंकित किया गया। विद्युत विभाग लगातार इसका बिजली का बिल बकाया दर्शाता रहा। जो नवंबर 2020 में 2,77,546 रुपए हो गया। ट्रांसफार्मर के चोरी हो जाने के बाद आज तक परिवादी के संयोजन पर दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है। इसके बावजूद उस पर बकाया दर्शाया जा रहा है। परिवाद में अधीक्षण अभियंता दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड हाथरस, एसडीओ विद्युत वितरण खंड तृतीय हाथरस, अवर अभियंता 33/ 11 केवी उपकेंद्र पोरा तहसील सिकंदराराऊ को पक्षकार बनाया गया।
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इस मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार (चतुर्थ), सदस्य कृष्ण प्रभाकर उपाध्याय, रंजना गोयल के समक्ष हुई। आयोग ने इस पर सुनवाई करते हुए परिवाद सव्यय स्वीकार किया। ट्यूबबेल संयोजन पर जारी समस्त विद्युत बिल नोटिस निरस्त कर दिए। आयोग ने परिवादी को हुई शारीरिक, मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए दस हजार रुपए, वाद व्यय के रूप में 5000 रुपये भी एक माह के अंदर अदा करने के आदेश दिए हैं।
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