Hathras: बदहाल सड़क पर उग्र प्रदर्शन, अफसरों के सामने सांसद-विधायक मुर्दाबाद के नारे, स्कूलों में जड़े ताले
हाथरस में सासनी के बिलखौरा कलां व बिलखौरा खुर्द की सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी है। ग्रामीणों ने स्कूलों में ताले डाले रखे और बच्चे स्कूल नहीं भेजे। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने सांसद-विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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संपर्क मार्ग की बदहाली के विरोध में छठवें दिन भी हाथरस में सासनी के बिलखौरा कलां व बिलखौरा खुर्द के ग्रामीणों का पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर धरना-प्रदर्शन 10 फरवरी को भी जारी रहा। एसडीएम सासनी और बीएसए गांव पहुंचे और दो घंटे तक ग्रामीणों को समझाया गया, लेकिन ग्रामीणों ने एक न सुनी। उनके सामने ही ग्रामीणों ने सांसद और विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस बीच ग्रामीण व अधिकारियों में कई बार सड़क निर्माण को लेकर नोकझोंक भी हुई। ग्रामीण विधायक को गांव में बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। चेतावनी दी है कि रोड नहीं बनेगा, तब तक अपने बच्चों को शिक्षा से वंचित रखेंगे और न ही स्कूल खोलने देंगे। एसडीएम सासनी रविंद्र कुमार और बीएसए उपेंद्र गुप्ता गांव पहुंचे। यहां करीब दो घंटे तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों वार्ता की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। ग्रामीणों ने अधिकारियों की एक नहीं सुनी। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया के संपर्क मार्ग को बनवाने की कोशिश करेंगे, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। कहा कि विधानसभा चुनाव में अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि चुनाव के बाद सड़क को शीघ्र बनवाएंगे, लेकिन आज तक इस सड़क की किसी ने कोई सुध नहीं ली।
ग्रामीणों ने अफसरों की मौजूदगी में सांसद एवं विधायक मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाए। एसडीएम को बताया कि वह 20 साल से इस संपर्क मार्ग से परेशान हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं। चेतावनी दी कि जब तक संपर्क मार्ग नहीं बन जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रखते हुए अपने बच्चों को शिक्षा से वंचित रखेंगे। ग्रामीणों ने कहा चुनाव में विधायक ने आश्वासन दिया था कि वह उनके संपर्क मार्ग को शीघ्र ही बनवाएंगी, लेकिन विधायक को उनके संपर्क मार्ग की कोई खबर नहीं है।
20 साल से सड़क टूटी पड़ी है। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खोखले वादे से परेशान हो गए हैं, तीनों स्कूलों पर ताला बंद कर दिया है। आए-दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन ग्रामीणों की कोई सुनने को तैयार नहीं है। -रमेशचंद्र, बिलखौरा खुर्द
गूंगी-बहरी सरकार हमारी समस्या का समाधान करने के लिए तैयार नहीं है। जनप्रतिनिधि झूठे वादे कर चले जाते हैं। पूर्व में भी ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव के दौरान धरना-प्रदर्शन दिया था। अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीणों ने मतदान किया था। -मुकेश, बिलखौरा खुर्द
ग्रामीणों ने स्कूलों में ताला लगाया है। आक्रोश है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक वह अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। उनका मानना है अपने बच्चों का भविष्य दांव पर न लगाएं। अध्यापक रोज आते है, लेकिन स्कूलों का संचालन न होने से राजस्व की हानि हो रही है। हमारा प्रयास है धरना जल्दी समाप्त हो।-उपेंद्र गुप्ता, बीएसए।
ग्रामीणों ने अभी तक धरना समाप्त नहीं किया है। जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक वह स्कूल नहीं खुलने देंगे और धरने पर बैठे रहेंगे। लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।-चौधरी विक्रम सिंह, ग्राम प्रधान बिलखौरा खुर्द