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बुखार ने निगलीं आठ और जिंदगियां

Wed, 21 Sep 2016 11:38 PM IST
amar ujala, hathras
amar ujala, hathras Updated Wed, 21 Sep 2016 11:38 PM IST
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Fever and swallowed eight lives
उबैद की मौत के बाद उसके घर पर लगी भीड़ और विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
जिले में जानलेवा बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। अब तक तो चिकनगुनिया और वायरल के प्रकोप से ही जिले में मौतें हो रही थीं, लेकिन अब डेंगू का डंक भी लोगों पर हावी हो गया है। जिले में आठ और लोगों की बुखार से मौत हो गई। सिकंदराराऊ में दो लोगों की मौत की वजह डेंगू का डंक बना, जबकि बाकी छह अन्य जिंदगियां भी बुखार की भेंट चढ़ गईं।
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सिकंदराराऊ व पुरदिलनगर में कुल छह, हाथरस और सादाबाद में एक-एक मौत बुखार से हुई है। सिकंदराराऊ में कासगंज रोड निवासी डॉ. रामप्रकाश की 48 वर्षीय पत्नी मीनू को तीन दिन पूर्व बुखार आया। लगातार प्लेटलेट्स कम होने के कारण उन्हें इलाज के लिए नोएडा ले जाया गया। जहां जेपी अस्पताल में अथक प्रयास के बावजूद मंगलवार की रात्रि में उनकी मौत हो गई। 
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  नगर के मोहल्ला मटकोटा निवासी मोहम्मद उबेदुर्रहमान (18 वर्ष) पुत्र तौसीब अख्तर को दो दिन पूर्व बुखार आया। प्लेटलेट्स कम होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में ले जाया गया। जहां रात्रि में उसकी मौत हो गई। पुरदिलनगर में गुड़िया पत्नी शाहिद (32 वर्ष), कोमल सिंह (55 वर्ष), आयशा बेगम पत्नी मुश्ताक अली, इरशाद (48 वर्ष) की तेज बुखार से मौत हो गई। 
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हाथरस। मुरसान क्षेत्र के गांव फुसकरा में सुखवीर सिंह की ढाई वर्षीय पुत्री की संध्या की बुखार से मौत हो गई, जबकि उसकी डेढ़ वर्षीय छोटी बहन मिथलेश भी बुखार से गंभीर है। उसका हाथरस के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों ने कहा दोनों को सरकारी अस्पताल में दिखाया, लेकिन इलाज नहीं मिला तो प्राइवेट में लेकर गए। 


बेशक डेगूं का डंक जिले में जिंदगियां निगल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब भी यह मानने को तैयार नहीं है कि यहां डेंगू का प्रकोप है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.रामवीर सिंह का कहना है कि जिले में कहीं भी डेंगू का प्रकोप नहीं है और न हीं अभी कोई मामला निकलकर सामने आया है। जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी पर बुखार से राहत दिलाने के पर्याप्त इंतजाम हैं। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की जांच की जा रही है। मच्छरों के प्रकोप वाली जगहों पर फॉगिंग भी कराई जा रही है।
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