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Hathras News: नहीं मिल रही खाद, कहीं कालाबाजारी तो कहीं वितरण में मनमानी

Thu, 26 Oct 2023 12:35 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Thu, 26 Oct 2023 12:35 AM IST
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Fertilizer is not available, black marketing at some places and arbitrariness in distribution at some places.
जिले में इन-दिनों किसान डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। प्रशासन के डीएपी की उपलब्धता के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। आलू की पैदावार वाले इस क्षेत्र में बनी सहकारी समितियों पर डीएपी न मिलने पर किसान हंगामा काट रहे हैं। जिले की सहकारी समितियों पर तो खाद की उपलब्धता नहीं है। इस कारण इन समितियों पर ताले लटके हुए हैं। जिन समितियों पर कुछ मात्रा में डीएपी उपलब्ध है तो वहां इसे लेने के लिए मारामारी हो रही है।
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आलम यह है कि कुछ सहकारी समितियों पर तो खाद की कालाबाजारी करने तक के आरोप लग रहे हैं। किसान कह रहे है कि दो बोरे देकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराया जा रहा है और मैसेज आठ बोरों की आपूर्ति होने का आ रहा है। इतना ही नहीं खाद की किल्लत के चलते किसान आलू की बुवाई न होने से परेशान हैं।
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खाद वितरण में मनमानी पर हंगामा, ताला लगाकर भागे कर्मचारी

मुरसान। कस्बा की क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड पर बुधवार की दोपहर को मनमाने तरीके से खाद वितरण को लेकर किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामा होते देख कर्मचारी सहकारी समिति पर ताला लगाकर मौके से भाग गए। इस दौरान किसानों ने फोन कर पुलिस को मौके पर बुला लिया। किसानों ने सहकारी समिति के कर्मचारियों पर आरोप लगाया है कि वह मनमाने तरीके से खाद का वितरण कर रहे हैं, जबकि कई किसान पिछले कई दिनों से इस केंद्र के चक्कर लगाकर परेशान हैं। उन्हें एक बोरा खाद भी नहीं मिल पा रही। केंद्र पर खाद वितरण कर रहे कर्मचारियों के चहेते पांच से 10 बोरा खाद खुलेआम ले जा रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि खेतों में किसानों द्वारा आलू की बुवाई की जा रही है। इसे लेकर खाद की किल्लत बनी हुई है। बाजार में निजी खाद विक्रेता सरकारी रेट से 300 रुपये से 500 रुपये तक के अधिक रेट में खाद बेच रहे हैं। इस ओर अधिकारियों का ध्यान न होने के कारण निजी खाद विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं। इन दुकानदारों के गोदामों में काफी डीएपी खाद भरा हुआ है। इस समय आलू की फसल बुवाई करने के लिए किसान डीएपी लेने के लिए सुबह से ही सहकारी समितियों पर कृभकों केंद्रों पर लाइन में लग जाते हैं, लेकिन शाम होने के बाद भी बिना खाद लिए निराश होकर लौट जाते हैं।




मुझसे मुरसान की क्षेत्रीय सहकारी समिति पर डीएपी का वितरण कर रहे व्यक्ति ने सुबह 10 हजार रुपये खाद देने के लिए ले लिए थे, लेकिन अब हंगामा होने के बाद पैसे लेकर वह व्यक्ति फरार हो गया है। उसे तलाश कर रहा हूं, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इसकी शिकायत पुलिस से भी कर दी गई है।
-कृष्ण कुमार कौशिक, टिमरली






मैं सुबह से अपने बेटे के साथ खाद लेने के लिए केंद्र पर आई थी, लेकिन दोपहर बाद तक मुझे खाद नहीं मिली है। मेरा बेटा सुबह से ही कतार में लगा हुआ है। पैसे भी बेटे से केंद्र संचालक ने ले लिए हैं, लेकिन खाद नहीं दिया गया है। खाद न मिलने के कारण फसल की बुवाई में देरी हो रही है।
-महेंद्री, अहरई





मैं कई दिनों से इस समिति पर खाद लेने के लिए आ रही हूं। रोजाना समिति के कर्मचारी दूसरे दिन आने की बात कहकर टरका देते हैं। बुधवार को इस समिति पर खाद वितरण हुआ है, लेकिन मुझे खाद नहीं दी गई है। मनमाने तरीके से खाद वितरण किया जा रहा है। प्रशासन को इन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

-इंद्रा उपाध्याय, भकरोई






मैं कई घंटे से डीएपी लेने के लिए कतार में लगा हूं। केंद्र के कर्मचारी मनमानी लोगों के आधार कार्ड ले जाकर उन्हें खाद दे रहे हैं। यहां कतार में काफी बुजुर्ग भी लगे हुए हैं। मनमाने तरीके से खाद वितरण करने से रोकने पर खाद वितरण को बंद करने की धमकी व अभद्रता की जा रही है। कोई रोकने वाला नहीं है।
गौरव कौशिक, नगला शीशम





चंदपा में खाद मिली दो बोरे, संदेश आया आठ बोरों का
चंदपा। चंदपा की पूर्वी व पश्चिमी सहकारी समितियों पर खाद की आपूर्ति न होने से किसान मायूस लौट रहे हैं। किसान वितरण के दौरान कालाबाजारी होने का भी आरोप लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि डीएपी के दो बोरे दिए जा रहे हैं, लेकिन बायोमेट्रिक प्रक्रिया के बाद संदेश पांच से आठ बोरों की आपूर्ति का आ रहा है। इसे लेकर किसानों ने सहकारी समिति पर हंगामा भी काटा। किसानों का आरोप है कि खाद की कालाबाजारी की जा रही है। इसे लेकर किसानों ने पूर्व में भी हंगामा किया था।
केवल चंदपा पश्चिमी सहकारी समिति पर ही अकेले लगभग पांच हजार किसान समिति के सदस्य हैं, जो 25 गांवों के किसानों की खाद की जरूरत को पूरा करती हैं। अभी तक इस सीजन में 720 बोरे ही डीएपी समिति को मिली है, जिसका लगभग 200 किसानों को वितरण किया गया है। पूर्वी सहकारी समिति चंदपा से जुड़े किसानों का आरोप है कि बायोमैट्रिक प्रक्रिया में उनके पास संदेश पांच से आठ बोरे खाद की आपूर्ति का आया है, लेकिन उनको सिर्फ दो बोरे ही खाद दिया गया है। यहां खाद की कालाबाजारी की जा रही है।




संटीकरा निवासी एक किसान हरिओम दुबे ने चंदपा पूर्वी सहकारी समिति के कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा दो बोरे डीएपी के दिए जा रहे हैं। आधार बायोमेट्रिक के बाद किसी को आठ बोरे तो किसी के पास पांच बोरे डीएपी मिलने का पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश आ रहा है। किसान ने निर्धारित मात्रा में डीएपी वितरण नहीं करने के बाद शेष बचे बोरों की समिति कर्मचारियों पर कालाबाजारी का आरोप लगाया है।





सादाबाद में कृभको केंद्र पर किसानों का हंगामा
सादाबाद। बुधवार को राया रोड स्थित कृभको के केंद्र पर किसानों ने डीएपी न मिलने पर हंगामा किया। कृभको केंद्र पर सुबह पांच बजे से ही किसान अपनी पत्नी के साथ के साथ कतार में लगे रहे। डीएपी की आपूर्ति न होने से किसानों ने हंगामा शुरु कर दिया। एसडीएम संजय कुमार, तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर, कोतवाल मुकेश कुमार पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए और किसानों को कतार में लगवाया और हंगामा करने वाले लोगों को समझा-बुझाकर कतार में लगाकर उन्हें खाद का वितरण शुरू कराया। एसडीएम के निर्देश पर कोतवाल ने पुलिस कर्मियों को तैनात किया। खास बात यह है कि यहां डीएपी लेने के लिए सबसे बड़ी कतार महिला और युवतियों की थी। किसानों का आरोप था कि यदि दो दिन में खाद नहीं मिली तो आलू की बुवाई में देरी हो जाएगी और पैदावार कम होगी। संवाद




सुबह पांच बजे से घर के पांच सदस्य आए हैं, खाना भी नहीं खाया। सुबह से ही कतार में लगे हैं। काफी लोग कतार में आगे घुस गए। इसी वजह से हम पीछे लगे हैं।
अली मुहम्मद, कुरावली




कई घंटे से कतार में लगा हूं। अभी तक नंबर नहीं आया। कोई व्यवस्था नहीं है। एक आधार कार्ड पर तीन पैकेट खाद के दिए जा रहे हैं जो कि पर्याप्त नहीं है।

नंदलाल, एदलपुर





दिव्यांग हूं। सुबह पांच बजे से कतार में लगा था। आधार कार्ड पर अंगूठा नहीं आ रहा है। कई बार प्रयास कर लिया। अब उन्होंने बाद में देखने के लिए कहा है।

कैका, गोलनगर




सुबह से कतार में लगे हैं। हर बार पुलिसकर्मी पीछे कर देते हैं। कई बार कहा है कि हमारा नंबर आने दो। इसके बावजूद अभी तक नंबर नहीं आया है।
- मंजू देवी, बरामई




डीएपी की लगातार मांग की जा रही है। छह हजार एमटी की मांग की गई है। डीएपी मिलते ही सहकारी समितियों पर भेजी जाएगी। प्राइवेट खाद में मोजेक, एनएफसी कंपनी के 300 एमटी आनी है। रिटेलर पर 1243 एमटी का स्टॉक है। बफर में 500 एमटी स्टॉक है। कृभको में 200 एमटी अलीगढ़ में स्टॉक है, जोकि जल्द ही जिले में आ जाएगी।
-आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी।




प्रशासनिक अधिकारियों ने एक बैठक के दौरान कहा था कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। इसके बावजूद किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। किसानों को सुबह से लेकर रात तक दो-दो बोरों के लिए समितियों पर बैठना पड़ रहा है। इसके बाद भी पर्याप्त मात्रा में किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है।
-प्रदीप कुमार उर्फ गुड्डू चौधरी, विधायक, सादाबाद।




500 लोग खाद लेने वाले हैं। 300 बोरे पहुंच रहे हैं। पिछली बार का जो लक्ष्य था, उससे ढाई गुना अधिक खाद का वितरण कर दिया गया है। अगर कहीं किसान के पास दो बोरे मिलकर ज्यादा बोरों का संदेश आ रहा है तो इस मामले को दिखवाया जाएगा। -

-महावीर सिंह, एआर कोआपरेटिव




भारतीय किसान यूनियन भानु जिलाधिकारी को चेतावनी देना चाहता है कि या तो किसानों को तुरंत खाद मुहैया कराएं, वरना जल्द ही जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। तहसीलों पर तालाबंदी की जाएगी।
-धर्मेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव , भाकियू भानु गुट।
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