Potato: बाजार में पिछले साल से कम हैं दाम, घाटे में है किसान, किसानों ने शीतगृह से आलू की निकासी रोकी
आलू व्यापारी सुरेंद्र कुमार निवासी हसायन का कहना है कि इस समय आलू का थोक भाव 400 से 450 रुपये प्रति पैकेट है। पिछले साल जुलाई माह में 600 रुपये प्रति पैकेट (50 किलोग्राम) का थोक भाव चल रहा था।
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बाजार में आलू का भाव में कम होने के कारण किसान परेशान है और उन्होंने शीतगृहों से आलू की निकासी रोक दी है। यही वजह है कि हाथरस जिले में अभी तक 21 फीसदी आलू की निकासी शीतगृहों से हो पाई है, जबकि पिछले साल जुलाई माह के मध्य तक 30 फीसदी आलू निकाल लिया गया था।
आलू व्यापारी सुरेंद्र कुमार निवासी हसायन का कहना है कि इस समय आलू का थोक भाव 400 से 450 रुपये प्रति पैकेट है। पिछले साल जुलाई माह में 600 रुपये प्रति पैकेट (50 किलोग्राम) का थोक भाव चल रहा था। आलू किसान रत्न स्वरूप निवासी सहपऊ ने बताया कि इस समय आलू का भाव बहुत कम है और किसानों को घाटा हो रहा है। उन्होंने बताया कि एक बीघा पर करीब 15 से 20 हजार रुपये की लागत आती है और एक बीघा में औसतन 45 से 50 पैकेट निकलते हैं। कुछ किसान उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई और तकनीक का प्रयोग कर इससे ज्यादा पैदावार ले लेते हैं। फुटकर भाव जरूर 500 से 600 रुपये प्रति पैकेट का चल रहा है, लेकिन किसान तो थोक में ही बेचता है।
उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की पैदावार ली गई। करीब 14 लाख मीट्रिक टन आलू शीतगृहों में जमा कराया गया, इसमें से 21 फीसदी करीब 2.94 लाख मीट्रिक टन आलू की निकासी हो गई है। निकासी की यह दर पिछले साल के मुकाबले नौ फीसदी कम है। जिला उद्यान अधिकारी डॉक्टर सुनील कुमार का कहना है कि शासनादेशों के अुनसार शीतगृहों में आलू भंडारित रखने की अंतिम तिथि 30 अक्तूबर है। उससे पहले आलू की निकासी हो जाएगी।
अभी भाव कम चल रहा है, इसलिए हम अभी शीतगृह से आलू नहीं निकाल रहे हैं।- ओमप्रकाश शर्मा, किसान, अहबरनपुर
अभी आलू बेचने में नुकसान है। भाव बढ़ने की उम्मीद है, उसके बाद ही आलू निकालेंगे।- सत्यप्रकाश शर्मा, किसान, लहरा
हाथरस जिले में ...
- आलू का क्षेत्रफल - 55 हजार हेक्टेयर करीब
- जिले में शीतगृहों की संख्या - 150
- भंडारण क्षमता - 14 लाख एमटी
- 14 लाख मीट्रिक टन आलू जमा किया गया था शीतगृहों में
- 2.94 लाख की अभी तक हो पाई है शीतगृहों से निकासी