Hathras News: सब्जियों के राजा ने बजाया किसानों का बाजा, नहीं निकल रही लागत भी
किसानों को आशा थी कि शायद आलू का भाव बढ़ जाए, लेकिन किसानों के अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है। शीतगृह खुलने पर भी किसानों को उनके आलू का बाजिव भाव नहीं मिल पा रहा है। शीतगृह पर आलू के दाम करीब 550 रुपये प्रति पैकेट हैं।
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आलू का कम भाव मिलने से किसान परेशान हैं। शीतगृहों में आलू करीब 550 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से बिक रहा है। किसानों का कहना है कि यह भाव काफी कम है। इतने में तो उनकी लागत और शीतगृह का भाड़ा तक निकलना मुश्किल हो रहा है।
आलू जिले की प्रमुख फसल है। जिले में इस साल करीब 51 हजार हेक्टेयर भूमि में आलू की पैदावार हुई है। इस साल आलू की पैदावार काफी बेहतर रही है। करीब 16,38,500 मीट्रिक टन आलू जिले में पैदा हुआ है। जिले में कुल 145 शीतगृह संचालित हैं। फसल की खोदाई के समय भाव अच्छा न मिलने के कारण ज्यादातर किसानों ने शीतगृहों में आलू का भंडारण करा दिया था।
किसानों को आशा थी कि शायद आलू का भाव बढ़ जाए, लेकिन किसानों के अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है। शीतगृह खुलने पर भी किसानों को उनके आलू का बाजिव भाव नहीं मिल पा रहा है। शीतगृह पर आलू के दाम करीब 550 रुपये प्रति पैकेट हैं। किसानों के मुताबिक यह भाव काफी कम हैं।
इस आशा में आलू शीतगृह में भंडारित किया था कि शायद भाव अच्छा मिल जाए। इस समय भी आलू का भाव नहीं बढ़ा। शीतगृह पर करीब 450 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से आलू बिक रहा है। यह भाव काफी कम है। - विपिन ठाकुर, किसान
शीतगृह पर इस समय आलू का भाव काफी कम है। इससे लागत और भंडारण का भाड़ा निकालना भी मुश्किल हो रहा है। अगर भाव नहीं बढ़ा तो आलू किसानों को काफी घाटा होगा। -बालकिशन, किसान