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जमीन देने को तैयार नहीं हुए किसान
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2016 11:55 PM IST
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यूपीएसआईडीसी, मोहन मीकिंस के साथ एसडीएम, नायब तहसीलदार किसानों से बातचीत करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हसायन (हाथरस)। सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र मेें सूबे के प्रमुख औद्योगिक घराने मोहन मीकिंस को 14 वर्ष पूर्व दी गई जमीन पर फिर से कब्जा दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछले साल दिसंबर में किसानों के विरोध के चलते कब्जा दिलाने की कोशिश बेकार हो गई थी। लिहाजा अब प्रशासन ने इससे पूर्व किसानों को राजी करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। एसडीएम सिकंदराराऊ एनपी पांडेय के नेतृत्व में प्रशासनिक और मोहन मीकिंस के अधिकारियों की सोमवार को किसानों से वार्ता हुई, लेकिन किसानों ने साफ कह दिया कि अब वह अपनी जमीन हर्गिज किसी को नहीं लेने देंगे। इस मौके पर सुरक्षा की दृष्टि से काफी फोर्स भी वहां मौजूद रही।
गौरतलब है कि मोहन मीकिंस को आवंटित भूमि नगला कांच, सलेमपुर, लच्छिमपुर, बेहटा, नगला ढक गांगरौल, छौंक और जैतपुर ग्राम पंचायतों की हद में आती है। सोमवार को सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस चौकी में मोहन मीकिंस के कर्नल पुष्पेंद्र सिंह मैनेजर एसपी सिंह, यूपीएसआईडीसी की क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सिंह, यूपीएसआईडीसी के अधिशासी अभियंता बीडी यादव, यूपीएसआईडीसी के अमीन सोमेश कुमार, अवर अभियंता आरएस प्रजापति, एसडीएम सिकंदराराऊ एनपी पांडेय, एसडीएम सासनी वैभव मिश्रा, नायब तहसीलदार सिकंदराराऊ देवेंद्र यादव, लेखपाल सलेमपुर रामचंद्र पांडेय, राजस्व निरीक्षक नंदकिशोर यादव, लेखपाल मुकेश कुमार व अरविंद कुमार, कानूनगो मोहम्मद यासीन और सलेमपुर चौकी प्रभारी बहादुर सिंह के साथ बैठक हुई।
एसडीएम ने नगला कांच के किसान कप्तान सिंह को मौके पर बुलाकर उद्योग लगाने के लिए जमीन दिए जाने की बात कही तो किसान नेता ने अधिकारियों से साफ कह दिया कि मोहन मीकिंस द्वारा वर्ष 2002 से उद्योग लगाने के नाम पर गेहूं, धान और बाजरा की खेती की जाती रही है। यूपीएसआईडीसी द्वारा यह जमीन तीन साल में उद्योग लगाने के वादे के साथ यह जमीन उन्हें दी गई थी। वर्ष 2005-06 में तत्कालीन डीएम ने उद्योग नहीं लगाए पर करार रद कर दिया था। अब फिर से औद्योगिक घराने द्वारा उद्योग 800 बीघा जमीन पर कब्जा करके खेती की जा रही है। किसान भी इस जमीन को वापस पाने के लिए कई बार आंदोलन कर चुके हैं। अब वह कतई अपनी जमीन नहीं देंगे।
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हालांकि जब एसडीएम व नायब तहसीलदार द्वारा मोहन मीकिंस के कर्नल पुष्पेंद्र सिंह और मैनेजर से किसानों की जमीन पर खेती किए जाने के बारे में पूछा गया तो कंपनी के इन अधिकारियों ने खेती किए जाने की बात से मना कर दिया।
मैं और एसडीएम सासनी मोहन मीकिंस को आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाने गए थे। सिकंदराराऊ तहसील में आने वाली जमीन को तो नाप-तोल के बाद उनके सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि सासनी तहसील में आने वाली भूमि भी मंगलवार को नाप-तोल के बाद मोहन मीकिंस के सुपुर्द कराई जाएगी।
- एनपी पांडेय, एसडीएम सिकंदराराऊ
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गौरतलब है कि मोहन मीकिंस को आवंटित भूमि नगला कांच, सलेमपुर, लच्छिमपुर, बेहटा, नगला ढक गांगरौल, छौंक और जैतपुर ग्राम पंचायतों की हद में आती है। सोमवार को सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस चौकी में मोहन मीकिंस के कर्नल पुष्पेंद्र सिंह मैनेजर एसपी सिंह, यूपीएसआईडीसी की क्षेत्रीय प्रबंधक स्मिता सिंह, यूपीएसआईडीसी के अधिशासी अभियंता बीडी यादव, यूपीएसआईडीसी के अमीन सोमेश कुमार, अवर अभियंता आरएस प्रजापति, एसडीएम सिकंदराराऊ एनपी पांडेय, एसडीएम सासनी वैभव मिश्रा, नायब तहसीलदार सिकंदराराऊ देवेंद्र यादव, लेखपाल सलेमपुर रामचंद्र पांडेय, राजस्व निरीक्षक नंदकिशोर यादव, लेखपाल मुकेश कुमार व अरविंद कुमार, कानूनगो मोहम्मद यासीन और सलेमपुर चौकी प्रभारी बहादुर सिंह के साथ बैठक हुई।
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एसडीएम ने नगला कांच के किसान कप्तान सिंह को मौके पर बुलाकर उद्योग लगाने के लिए जमीन दिए जाने की बात कही तो किसान नेता ने अधिकारियों से साफ कह दिया कि मोहन मीकिंस द्वारा वर्ष 2002 से उद्योग लगाने के नाम पर गेहूं, धान और बाजरा की खेती की जाती रही है। यूपीएसआईडीसी द्वारा यह जमीन तीन साल में उद्योग लगाने के वादे के साथ यह जमीन उन्हें दी गई थी। वर्ष 2005-06 में तत्कालीन डीएम ने उद्योग नहीं लगाए पर करार रद कर दिया था। अब फिर से औद्योगिक घराने द्वारा उद्योग 800 बीघा जमीन पर कब्जा करके खेती की जा रही है। किसान भी इस जमीन को वापस पाने के लिए कई बार आंदोलन कर चुके हैं। अब वह कतई अपनी जमीन नहीं देंगे।
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हालांकि जब एसडीएम व नायब तहसीलदार द्वारा मोहन मीकिंस के कर्नल पुष्पेंद्र सिंह और मैनेजर से किसानों की जमीन पर खेती किए जाने के बारे में पूछा गया तो कंपनी के इन अधिकारियों ने खेती किए जाने की बात से मना कर दिया।
मैं और एसडीएम सासनी मोहन मीकिंस को आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाने गए थे। सिकंदराराऊ तहसील में आने वाली जमीन को तो नाप-तोल के बाद उनके सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि सासनी तहसील में आने वाली भूमि भी मंगलवार को नाप-तोल के बाद मोहन मीकिंस के सुपुर्द कराई जाएगी।
- एनपी पांडेय, एसडीएम सिकंदराराऊ