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धान के भुगतान में देरी के चलते मंडी से लौट रहे किसान
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धान के भुगतान में देरी पर फूटा गुस्सा, प्रदर्शन
कुछ आढ़तियों की हठधर्मिता के चलते मंडी से लौट रहे किसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। हाथरस मंडी समिति में किसानों को धान का भुगतान देरी से हो रहा है। इस कारण किसान अन्य मंडियों को धान ले जाने को मजबूर हैं। मंगलवार को कुछ आढ़तियों की हठधर्मिता को लेकर आढ़तियों और किसानों ने मंडी सचिव के कार्यालय पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आढ़तियों के बीच छिड़ी जंग का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में आलू के साथ धान का काफी उत्पादन होता है। मंडी में धान की आवक शुरू हो गई हैं। कुछ आढ़तियों ने धान की खरीद भी शुरू कर दी है। मंगलवार को धान लेकर पहुंचे किसान से धान की खरीद कर रहे आढ़तिया ने कहा कि धान का भुगतान 21 दिन बाद करेगा। इसकी जानकारी अन्य आढ़तियों को हुई तो वो टेंशन में आ गए, क्योंकि बाकी आढ़तिया भुगतान कर रहे हैं तो कुछ आढ़तिया किसानों को 21 दिन का समय दे रहे हैं।
एक समान कार्य प्रणाली नहीं होने पर किसानों और आढ़तियों ने मंडी सचिव कार्यालय पर प्रदर्शन किया। शाम तक आढ़तियों और मंडी प्रशासन के बीच वार्ता का सिलसिला जारी रहा। किसान का धान से भरा ट्रैक्टर मंडी में खड़ा रहा। प्रदर्शन करने वालों में उमाशंकर, राजेश वार्ष्णेय, संजीव वार्ष्णेय, भीकंबर सिंह, नरेंद्र बंसल, मुकेश बंसल, अनिल गुप्ता, जानकी प्रसाद, अमन बंसल थे। इस संबंध में मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि इस मसले में वार्ता चल रही है। किसानों को मंडी से नहीं लौटने दिया जाएगा। मंडी में आने वाले सभी किसानों का धान खरीदा जाएगा।
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कुछ आढ़तियों की हठधर्मिता के चलते मंडी से लौट रहे किसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। हाथरस मंडी समिति में किसानों को धान का भुगतान देरी से हो रहा है। इस कारण किसान अन्य मंडियों को धान ले जाने को मजबूर हैं। मंगलवार को कुछ आढ़तियों की हठधर्मिता को लेकर आढ़तियों और किसानों ने मंडी सचिव के कार्यालय पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आढ़तियों के बीच छिड़ी जंग का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में आलू के साथ धान का काफी उत्पादन होता है। मंडी में धान की आवक शुरू हो गई हैं। कुछ आढ़तियों ने धान की खरीद भी शुरू कर दी है। मंगलवार को धान लेकर पहुंचे किसान से धान की खरीद कर रहे आढ़तिया ने कहा कि धान का भुगतान 21 दिन बाद करेगा। इसकी जानकारी अन्य आढ़तियों को हुई तो वो टेंशन में आ गए, क्योंकि बाकी आढ़तिया भुगतान कर रहे हैं तो कुछ आढ़तिया किसानों को 21 दिन का समय दे रहे हैं।
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एक समान कार्य प्रणाली नहीं होने पर किसानों और आढ़तियों ने मंडी सचिव कार्यालय पर प्रदर्शन किया। शाम तक आढ़तियों और मंडी प्रशासन के बीच वार्ता का सिलसिला जारी रहा। किसान का धान से भरा ट्रैक्टर मंडी में खड़ा रहा। प्रदर्शन करने वालों में उमाशंकर, राजेश वार्ष्णेय, संजीव वार्ष्णेय, भीकंबर सिंह, नरेंद्र बंसल, मुकेश बंसल, अनिल गुप्ता, जानकी प्रसाद, अमन बंसल थे। इस संबंध में मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि इस मसले में वार्ता चल रही है। किसानों को मंडी से नहीं लौटने दिया जाएगा। मंडी में आने वाले सभी किसानों का धान खरीदा जाएगा।
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