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मुआवजे में कटौती पर भड़के किसान, तहसील घेरी
ब्यूूूराे, अमर उजाला, सिकंदराराऊ
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:50 PM IST
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protests of farmers
- फोटो : amar ujala
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सिकंदराराऊ। दो वर्ष से ओलावृष्टि के मुआवजे के लिए धक्के खा रहे किसानों का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। किसानों को जब ज्ञात हुआ कि उनका मुआवजा 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर से घटाकर 2200 रुपये कर दिया गया तो सैकड़ों किसान तहसील पर पहुंच गए। किसानों ने तहसील परिसर में पांच घंटे तक डेरा जमाए रखा और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान काफी देर तक जीटी रोड पर भी आवागमन प्रभावित रहा। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन में कई सपा नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
किसानों ने बताया कि दो साल पहले ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हुई थी। इसको लेकर सरकार ने 18,000 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की घोषणा की थी, लेकिन अब इसे घटाकर 2,200 रुपये मुआवजा किया गया है। ब्लॉक प्रमुख हसायन के पति सुमंत किशोर सिंह तथा वकील महेश पुंढीर ने ऐलान किया था कि अगर मुआवजे की राशि को नहीं बढ़ाया गया तो किसानों का आंदोलन और उग्र होगा। सपा नेता नरसिंह पाल सिंह ने कहा कि इस तरह सरकार किसानों के वोट किसी कीमत पर नहीं ले सकती है। किसान अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान एसडीएम केहरी सिंह, सीओ डीके बाल्यान, पुलिसबल के साथ मौजूद थे। एसडीएम और सीओ ने किसानों से कहा कि मुआवजे में उनके स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता। इस पर किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों की अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। पांच घंटेतक चले इस धरना-प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। धरने की अध्यक्षता महेश बाबू पुंढीर ने की। इस मौके पर पहलवान मुफ्ती सिंह, भानुप्रताप सिंह, सचिन जादौन, राहुल जादौन, लोकेश प्रधान, लोकेंद्र सिंह, अमित सिंह, विशाल राज चौहान, सोनू प्रधान, राजेन्द्र सिंह, मुन्नालाल, कुंजबिहारी, मेहरबान, सुल्तान, सानू, प्रभात सिंह, प्रशांत सिंह, सादाब, प्रदीप यादव, यादराम आदि थे।
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किसानों ने बताया कि दो साल पहले ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हुई थी। इसको लेकर सरकार ने 18,000 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की घोषणा की थी, लेकिन अब इसे घटाकर 2,200 रुपये मुआवजा किया गया है। ब्लॉक प्रमुख हसायन के पति सुमंत किशोर सिंह तथा वकील महेश पुंढीर ने ऐलान किया था कि अगर मुआवजे की राशि को नहीं बढ़ाया गया तो किसानों का आंदोलन और उग्र होगा। सपा नेता नरसिंह पाल सिंह ने कहा कि इस तरह सरकार किसानों के वोट किसी कीमत पर नहीं ले सकती है। किसान अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं।
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प्रदर्शन के दौरान एसडीएम केहरी सिंह, सीओ डीके बाल्यान, पुलिसबल के साथ मौजूद थे। एसडीएम और सीओ ने किसानों से कहा कि मुआवजे में उनके स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता। इस पर किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों की अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। पांच घंटेतक चले इस धरना-प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। धरने की अध्यक्षता महेश बाबू पुंढीर ने की। इस मौके पर पहलवान मुफ्ती सिंह, भानुप्रताप सिंह, सचिन जादौन, राहुल जादौन, लोकेश प्रधान, लोकेंद्र सिंह, अमित सिंह, विशाल राज चौहान, सोनू प्रधान, राजेन्द्र सिंह, मुन्नालाल, कुंजबिहारी, मेहरबान, सुल्तान, सानू, प्रभात सिंह, प्रशांत सिंह, सादाब, प्रदीप यादव, यादराम आदि थे।
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