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Hathras News: किराया बढ़ाया, फिर भी यात्रियों को बाईपास पर उतार रहे
Tue, 13 Feb 2024 02:36 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 13 Feb 2024 02:36 AM IST
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रोडवेज बसों से अलीगढ़ जाना यात्रियों के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। अलीगढ़ का गांधी पार्क बस स्टैंड बंद होने के बाद रोडवेज अधिकारियों ने मसूदाबाद बस स्टैंड तक बसों को ले जाने की व्यवस्था तय की थी। इसी आधार पर हाथरस से अलीगढ़ का किराया चार रुपये बढ़ाया गया, लेकिन वर्तमान में सिर्फ अलीगढ़ और बुद्धविहार डिपो की बसें ही मसूदाबाद बस स्टैंड तक यात्रियों को ले जा रही हैं। बाकी बसें पहले की तरह यात्रियों को बाईपास ही यात्रियों को उतार रही हैं।
यात्रियों को बाईपास पर उतरकर 20 रुपये रिक्शा भाड़ा खर्च करके अलीगढ़ शहर के अंदर तक पहुंचना पड़ रहा है। इस तरह गांधी पार्क बस स्टेशन बंद होने के बाद न केवल यात्रियों पर 24 रुपये के भाड़े का बोझ बढ़ा है, बल्कि अलीगढ़ तक पहुंचने का समय भी बढ़ गया है। एक तो उन्हें चार रुपये अतिरिक्त बस किराये के देने पड़ रहे हैं और दूसरी तरफ 20 रुपये रिक्शा भाड़े के अलग देने पड़ रहे हैं।
यही नहीं मसूदाबाद बस स्टैंड तक पहुंचने में यात्रियों को जितना वक्त लगता है, उससे कम वक्त में वह बाईपास पुल पर उतरकर रिक्शे से शहर के अंदर तक पहुंच जाते हैं। इस कारण ज्यादातर यात्री भी मसूदाबाद स्टैंड तक का सफर करने से बच रहे हैं। जो यात्री मसूदाबाद तक जाना भी चाहते हैं तो उन्हें बसें नहीं ले जा रहीं।
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आगरा से मेरठ की तरफ चलने वाली बसें बिना बस स्टैंड पर पहुंचे सीधे गंतव्य के लिए निकल रही हैं तो मुरादाबाद की तरफ जाने वाली बसें भी एटा चुंगी बाईपास से सीधे निकल जा रही हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर उन्हें बाईपास पर ही उतारना था तो मसूदाबाद बस स्टैंड तक ले जाने के नाम पर उन पर चार रुपये अतिरिक्त किराये का बोझ क्यों बढ़ाया गया। ऐसा करके रोडवेज ने तो अपना मुनाफा कर लिया, लेकिन यात्रियों को बड़ा घाटा हो गया।
अलीगढ़ सासनी गेट जाने के लिए हमें बस से उतरकर दूसरे वाहन से सासनी गेट तक जाना पड़ रहा है। रोडवेज की नई व्यवस्था वाकई दिक्कत वाली बनी हुई है। इसमें कुछ सुधार होना चाहिए।
-प्रशांत कुमार, यात्री।
रोडवेज बसों से अलीगढ़ की यात्रा करना काफी महंगा हो गया है। अब रोडवेज का किराया भी अधिक है। दूसरे वाहनों में पैसा खर्च हो रहा है। परेशानी अलग हो रही है।
-सुनील कुमार, यात्री।
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यात्रियों को बाईपास पर उतरकर 20 रुपये रिक्शा भाड़ा खर्च करके अलीगढ़ शहर के अंदर तक पहुंचना पड़ रहा है। इस तरह गांधी पार्क बस स्टेशन बंद होने के बाद न केवल यात्रियों पर 24 रुपये के भाड़े का बोझ बढ़ा है, बल्कि अलीगढ़ तक पहुंचने का समय भी बढ़ गया है। एक तो उन्हें चार रुपये अतिरिक्त बस किराये के देने पड़ रहे हैं और दूसरी तरफ 20 रुपये रिक्शा भाड़े के अलग देने पड़ रहे हैं।
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यही नहीं मसूदाबाद बस स्टैंड तक पहुंचने में यात्रियों को जितना वक्त लगता है, उससे कम वक्त में वह बाईपास पुल पर उतरकर रिक्शे से शहर के अंदर तक पहुंच जाते हैं। इस कारण ज्यादातर यात्री भी मसूदाबाद स्टैंड तक का सफर करने से बच रहे हैं। जो यात्री मसूदाबाद तक जाना भी चाहते हैं तो उन्हें बसें नहीं ले जा रहीं।
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आगरा से मेरठ की तरफ चलने वाली बसें बिना बस स्टैंड पर पहुंचे सीधे गंतव्य के लिए निकल रही हैं तो मुरादाबाद की तरफ जाने वाली बसें भी एटा चुंगी बाईपास से सीधे निकल जा रही हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर उन्हें बाईपास पर ही उतारना था तो मसूदाबाद बस स्टैंड तक ले जाने के नाम पर उन पर चार रुपये अतिरिक्त किराये का बोझ क्यों बढ़ाया गया। ऐसा करके रोडवेज ने तो अपना मुनाफा कर लिया, लेकिन यात्रियों को बड़ा घाटा हो गया।
अलीगढ़ सासनी गेट जाने के लिए हमें बस से उतरकर दूसरे वाहन से सासनी गेट तक जाना पड़ रहा है। रोडवेज की नई व्यवस्था वाकई दिक्कत वाली बनी हुई है। इसमें कुछ सुधार होना चाहिए।
-प्रशांत कुमार, यात्री।
रोडवेज बसों से अलीगढ़ की यात्रा करना काफी महंगा हो गया है। अब रोडवेज का किराया भी अधिक है। दूसरे वाहनों में पैसा खर्च हो रहा है। परेशानी अलग हो रही है।
-सुनील कुमार, यात्री।