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हाथरस : ‘ग्रामीण’ से ‘शहरी’ बने बाशिंदों के सामने सुविधाओं का संकट

Sun, 15 May 2022 11:49 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 15 May 2022 11:49 PM IST
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facility crisis at the newly included areas in city
हाथरस : गांव कलवारी में लगा गंदगी का ढेर। संवाद - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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नगर पालिका की सीमा का विस्तार करते हुए आसपास की 11 ग्राम पंचायतें इसमें शामिल कर दी गईं। इन ग्राम पंचायतों के लोगों को उम्मीद थी कि नगर की सीमा से जुड़ने के बाद उन्हें शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन उनकी उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। ग्रामीण से शहरी बने बाशिंदे इन-दिनों बुनियादी सुविधाओं का संकट झेल रहे हैं।
उन्हें न तो उम्मीद के मुताबिक न तो बिजली मिल रही है और न हीं पानी। सफाई के इंतजाम भी बिल्कुल अच्छे नहीं हैं। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि उनके पास बजट पहले से भी कम है, जबकि नगर का दायरा बढ़ गया है। तीन साल पहले नगर पालिका की सीमा में वृद्धि हो गई। इसमें आसपास की 11 ग्राम पंचायतें शामिल कर दी र्गइं। इन ग्राम पंचायतों की करीब 58 हजार की आबादी शहरी क्षेत्र में जुड़ी थी।
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गांव के मानक के हिसाब मिल रही बिजली
11 ग्राम पंचायतों के 58 हजार लोग नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद आज भी ग्रामीण अंचल के स्तर की बिजली का उपभोग कर रहे हैं। बिजली विभाग के अधिकारी यह कहते हैं कि उनके पास इन गांवों के शहरी क्षेत्र में शामिल होने का पत्र नहीं आया है, इसलिए देहात के मानक के हिसाब से बिजली दे रहे हैं।
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नगर पालिका की सीमा में शामिल होने का हमें कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। सफाई व अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए कई माह से इंतजार कर रहे हैं। अभी तक यही सुनने में आ रहा है कि जल्द बजट मिलने के साथ पर्याप्त सुविधाएं दी जाएंगी।
-योगेश कुमार, गिजरौली
हमारे गांव में बिजली जरूर लग गई है। बाकी नगर पालिका की ओर से कोई सुविधा नहीं दी गई है। पहले ग्राम प्रधान से शिकायत कर समस्या दूर करा लेते थे। अब तो कोई सुनने वाला नहीं है। सफाई न होने के कारण काफी परेशानी हो रही है।
-गगन शर्मा, मीतई
हमने सोचा था कि हमारे गांव के नगरीय क्षेत्र में शामिल होने के बाद विकास का पहिया रफ्तार पकड़ेगा, लेकिन यहां तो आज भी सबकुछ पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। गांव में अभी तक मूलभूत सुविधाओं की किसी ने सुधि तक नहीं ली है। हैंडपंप खराब हैं। जगह-जगह गंदगी है।
- यदुवीर सिंह, कलवारी
शहरी क्षेत्र में कागजों में दर्ज होने से काम नहीं चलता है। यहां नगर पालिका द्वारा आमजन को पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं देने पर ध्यान देना चाहिए। आज भी बिजली गांव की चल रही है। सफाई के इंतजाम नहीं हैं। पहले तो कुछ दिन सफाई हुई थी, अब वह भी बंद चल रही है।

- श्यामसुंदर राना, भगवंतपुर
सीमा वृद्धि के बाद नगर पालिका क्षेत्र में जो इलाके शामिल हुए हैं, उनमें भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है। जहां से हैंडपंप खराब मिलने की सूचना मिल रही है, वहां हैंडपंप भी ठीक कराए जा रहे हैं। यहां जलभराव आदि की समस्या भी दूर कराई जा रही है।
-अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, हाथरस
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